इस धातु को धारण करने से सभी दुख होते है दूर जानिए इस धातु के बारे मे

Update: 2022-09-02 07:24 GMT

ज्योतिष और रत्न शास्त्र में बताया गया है कि रत्न हमारी कुंडली में मौजूद ग्रहों की शुद्धता को बढ़ाने का काम करते हैं. पृथ्वी में पाए जाने वाले रत्न मनुष्य के जीवन में सकारात्मकता को बढ़ाते हैं. हर एक रत्न किसी न किसी ग्रह से सम्बंधित होता है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को बिना किसी विद्वान की सलाह के रत्न नहीं पहनना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि रत्न कुंडली, जन्मतिथि और ग्रह नक्षत्रों के आधार पर ही धारण करना चाहिए. नहीं तो यह रत्न अशुभ प्रभाव भी देना शुरू कर देते हैं

  मोती से होने वाले नुकसान के बारे में. -मोती रत्न के फायदे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन लग्न के जातकों के लिए मोती पहनना लाभदायक होता है. जबकि सिंह, तुला और धनु लग्न वाले जातकों को कुछ विशेष ग्रह दशाओं में ही मोती पहनने की सलाह दी जाती है.क्योंकि मोती का संबंध चंद्रमा से होता है इसलिए मोती धारण करने से व्यक्ति का मन मजबूत और दिमाग प्रबल होता है. साथ ही मोती उन जातकों के लिए भी उपयोगी है जो नीच के चंद्रमा की समस्याओं से परेशान हैं. -

मोती रत्न के नुकसान ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि ज्यादा भावनात्मक और क्रोधी लोगों को चांदी या फिर मोती रत्न धारण नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से उनकी भावनात्मकता में या फिर क्रोध में बढ़ोतरी होती है. इसके अलावा जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा बारहवें या दसवें स्थान पर हो उन्हें भी मोती नहीं धारण करना चाहिए. मोती धारण करते समय हमेशा इस बात का भी ख्याल रखा जाना चाहिए कि मोदी के साथ हीरा, पन्ना, नीलम धारण नहीं करें.

-कैसे करें मोती धारण ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि मोती रत्न को सदैव चांदी की अंगूठी में ही धारण करना चाहिए. इसके लिए मोती को चांदी की अंगूठी में जड़वा कर कनिष्ठा उंगली में शुक्ल पक्ष के दिन सोमवार की रात को इसे शुद्ध करते हुए धारण किया जा सकता है. इसके अलावा मोती को पूर्णिमा तिथि को भी धारण कर सकते हैं. मोती रत्न को गंगाजल से धोकर इसे भगवान शिव को अर्पित करके ही धारण करना चाहिए

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