बीते जमाने के दिग्गज अभिनेता सईद ज़ाफरी का निधन

Update: 2015-11-16 07:55 GMT



नई दिल्ली : कई हिंदी और ब्रिटिश फिल्मों में काम करने वाले मशहूर अभिनेता सईद जाफरी का निधन हो गया है। 'गांधी', 'अजूबा' दिल, किशन कन्हैया, घर हो तो ऐसा, राजा की आएगी बारात, मोहब्बत, आंटी नंबर वन जैसी फिल्मों में यादगार रोल निभाने वाले अभिनेता सईद जाफरी 86 साल के थे। 86 वर्षीय अभिनेता की मौत की खबर उनकी भांजी शहीन अग्रवाल ने अपने फेसबुक पेज पर दी है।

शहीन ने बड़े ही मार्मिक ढंग से एक लंबा लेख लिखकर अपने अंकल की मौत खबर दी है। उन्होंने लिखा कि आज जाफरी पीढ़ी का निधन हो गया। उन्होंने आगे लिखा कि सईद आज अपने भाई-बहन के पास चले गए और अपने पिता से उनका मिलन हो गया, जिन्हें वह सबसे ज्यादा प्यार करते थे।

सईद जाफरी को उनकी फिल्में "गांधी" (1982), "शतरंग के खिलाड़ी" (1977), "हिना" (1991) और "राम तेरी गंगा मैली" (1985) के लिए जानते हैं। उन्होंने नायक और खलनायक दोनों ही तरह की भुमिकाएं निभाईं। खास बात ये रही कि उनको उनकी दोनों ही तरह की भूमिकाओं में स्वीकार किया गया। उनके राम तेरी गंगा मैली के डायलॉग "गंगा कभी कलकत्ता से बनारस की ओर नहीं बहती, वो बनारस से कलकत्ता ही आती है" को बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन डायलॉगों में से एक माना जाता है।

सईद का जन्म मालेर कोटला, पंजाब में 8 जनवरी 1929 को हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इतिहास में परास्नातक की पढ़ाई करने के बाद ऑल इंडिया रेडियो के स्टाफ ट्रे‌निंग स्कूल से प्रशिक्षण लेकर रेडियो में अपना कैरियर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी नाटकों से अभिनय शुरू किया।

उन्होंने पहली शादी मेहरुनिम्मा (मधुर जाफरी) से की थी। उनसे उनको तीन बच्चियां मीरा, जिया और सकीना हैं। लेकिन बाद में उनसे अलगाव के बाद उन्होंने जेनिफर से शादी कर ली थी।



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