तीस्ता सीतलवाड़ को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम ज़मानत

Update: 2022-09-02 11:09 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम ज़मानत दे दी है. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस यूयू ललित की अगुआई वाली खंडपीठ ने ये फैसला सुनाया है. इस खंडपीठ में जस्टिस यूयू ललित के अलावा जस्टिस एस रवींद्र भट्ट और सुधांशु धूलिया भी हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ को ट्रायल कोर्ट में में अपना पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए कहा है. इसके साथ ही उन्हें जांच एजेंसियों के साथ मामले में सहयोग करने के लिए भी कहा गया है. तीस्ता सीतलवाड़ की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने एक दिन पहले यानी 1 सितंबर को कोर्ट में कहा था कि उनके ख़िलाफ़ कोई मामला नहीं है.

तीस्ता ने अपनी याचिका में ये भी कहा कि विशेष जाँच टीम (एसआईटी) ने इस मामले में उन्हें अभियुक्त नहीं कहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2002 दंगों के पीड़ितों की मदद के लिए गुजरात सरकार उन्हें निशाना बना रही है

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से पूछा था कि दो महीने बाद उनकी कस्टडी की क्या आवश्यकता है? तीस्ता सीतलवाड़ को साल 2002 के गुजरात दंगों के मामले में आपराधिक साज़िश और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए गिरफ़्तार किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गुजरात सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा था कि पिछले दो महीनों में तीस्ता सीतलवाड़ के ख़िलाफ़ किस तरह के सबूत इकट्ठा किए गए हैं.

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