3 घंटे रहा चंद्र ग्रहण, जानिए किन राशि के लोगों पर पड़ेगा असर

ये एक उपछाया ग्रहण है जो रात में 11 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर 6 जून को तड़के 2 बजकर 34 मिनट पर खत्म हुआ.

Update: 2020-06-06 02:59 GMT

इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लग चुका है. ये एक उपछाया ग्रहण है जो रात में 11 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर 6 जून को तड़के 2 बजकर 34 मिनट पर खत्म हुआ. आचार्य सचिन शिरोमणि से जानते हैं कि इस चंद्र ग्रहण का हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा और किस राशि के लोग इस ग्रहण से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.

ये उपछाया ग्रहण वृश्चिक राशि में लगा है. वृश्चिक राशि से अष्टम भाव के अंदर राहु गोचर कर रहे हैं. राहु को संक्रमण, रोगों और बीमारियों का कारक ग्रह माना गया है. राहु राशि से अष्टम भाव के अंदर अपना प्रभाव नहीं दे पाता है और दूषित अवस्था में हो जाता है. इस ग्रहणकाल के दौरान भी राहु अपना अच्छा प्रभाव नहीं दिखा पाएगा जिसकी वजह से लोगों को कुछ ना कुछ परेशानियां लगी रहेंगी.

वृश्चिक राशि में ग्रहण लगने के कारण इस राशि के लोगों पर चंद्र ग्रहण का ज्यादा प्रभाव होगा. इस राशि के लोगों को अपने सेहत का विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है. वृश्चिक राशि के लोगों को इस ग्रहण में खास सावधानी बरतनी होगी.

ग्रहण काल के दौरान भगवान शिव की चालीसा का पाठ करें और ऊं नम: शिवाय के मंत्रों का जाप करें. आप जितना ज्यादा भगवान शिव की पूजा करेंगे आपको उतना ही लाभ होगा. इसके अलावा अपनी माता के चरण स्पर्श करें.

चंद्रमा मन का कारक है इस लिए जब ये ग्रसित होता है तो लोगों के मन में नकारात्मक विचार जरूर आते हैं. ग्रहणकाल के दौरान हर किसी को अपने चंद्रमा को बलवान करके की कोशिश जरूर करनी चाहिए. इससे मन पर किसी भी तरह का दुष्प्रभाव नहीं आ पाएगा. अपने आपको शुद्ध और पवित्र बनाए रखें. ग्रहणकाल के दौरान और छोटे बच्चों का भी विशेष ध्यान रखें.

इस साल कब-कब लगेगा चंद्र ग्रहण

साल का पहले पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी 2020 को लग चुका है. दूसरा चंद्र ग्रहण 5 जून को यानी आज रात में लग चुका है. यह एक उपछाया ग्रहण है जो भारत समेत एशिया, अफ्रीका और यूरोप में नजर आएगा.

इसके 15 दिन बाद यानी 21 जून को तीसरा चंद्र ग्रहण लगेगा. इस ग्रहण की भारत समेत सऊदी, साउथ-ईस्ट और एशिया में भी पूर्ण रूप से नजर आने की संभावना है.

इसके बाद तीसरा चंद्र ग्रहण 5 जुलाई को लगेगा लेकिन यह भारत में नजर नहीं आएगा. यह साउथ ईस्ट समेत अफ्रीका और अमेरिका में नजर आ सकता है.

चंद्रग्रहण देखना, सुरक्षित या नहीं?

सूर्य ग्रहण से विपरीत, चंद्र ग्रहण की घटना को नग्न आंखों से देखा जा सकता है. इससे आंखों पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है. वैज्ञानिकों के अनुसार साल 2020 में रात्रि के समय चंद्र ग्रहण को आसानी से देखा जा सकता है क्योंकि रात के समय कोई भी हानिकारक किरणें वातावरण में नहीं होंगी. 

चंद्र ग्रहण को देखने के लिए आंखों पर कोई सुरक्षा जैसे चश्मा पहनने की भी आवश्यकता नहीं होती. हालांकि गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि चंद्र ग्रहण के दौरान वो घर से बाहर न निकलें.

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