कोरोना वायरस में किस भयानक दर्द से गुजरे मरीज, खुद बताई आपबीती

आइए जानते हैं कोरोना वायरस क्यों आम सर्दी-जुकाम या बुखार से ज्यादा दर्दनाक है.

Update: 2020-03-21 04:39 GMT

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के अब तक दो लाख से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. खांसी, जुकाम और तेज बुखार इसके लक्षण बताए जा रहे हैं. जबकि इस जानलेवा वायरस की चपेट से बाहर आए लोगों ने अपने अनुभव में इसे और भी ज्यादा खतरनाक बताया है. आइए जानते हैं कोरोना वायरस क्यों आम सर्दी-जुकाम या बुखार से ज्यादा दर्दनाक है.

25 साल के कैनोर रीड चीन के वुहान शहर में स्थित एक स्कूल में कार्यरत हैं. कोरोना वायरस के शिकार हो चुके कैनोर ने एक डायरी में कोरोना वायरस के दौरान मिले दर्द की कहानी लिखी है. कैनोर ने बताया कि वायरस की चपेट में आने के बाद उन्हें साइनेस जैसा दर्द रहता था. नाक के ऊपर सिर में हर वक्त तेज दर्द होता था.

कैनोर ने बताया कि उसे कान में हमेशा दबाव जैसा कुछ महसूस होता था. कैनोर ने लोगों को कोनों में होने वाली इस अजीब सी चुभन से निजात पाने के लिए ईयरबड का इस्तेमाल न करने की भी सलाह दी है.

कैनोर ने कोरोना वायरस के जिन लक्षणों को साझा किया उनमें आंखों में तेज जलन होना भी शामिल है. ये जलन बिल्कुल वैसी है जैसा आप स्मोक या स्मॉग के दौरान महसूस करते हैं.


एक अन्य कोरोना वायरस सर्वाइवर केविन हैरिस ने बताया कि इसमें काफी तेज सिरदर्द होता था. ये आम सर्दी-जुकाम में होने वाले सिरदर्द जैसा ही होता है. उनका कहना है कि ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेकर इबोप्रोफेन की जगह पैरासिटामोल लेना बेहतर विकल्प है.

एंड्रूयू ओ ड्वॉयर नाम के एक मरीज ने गले में दर्द और थूक में बार-बार बलगम आने के बारे में बताया. इस दौरान उसका गला काफी सूझ गया था और उसमें सूजन भी काफी बढ़ गई थी.

इलिजाबेथ स्नाइडर नाम की एक कोरोना वायरस पीड़ित ने  बताया कि जुकाम और बुखार के अलावा भी उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा. उसके जोड़ों में हमेशा दर्द रहता था. घुटने, कलाई, कंधा और कोहनी का हिस्सा हमेशा दुखता रहता था.

मार्क थिबॉल्ट नाम के एक शख्स ने भी अपनी दर्दनाक कहानी लोगों के सामने रखी है. मार्क ने बताया कि उनके फेफड़ों से हमेशा पेपर बैग बजने जैसी आवाजें आती रहती थीं. इस तरह की समस्या आमतौर पर निमोनिया में देखने को मिलती है. ऐसा तब होता है जब इंसान के फेफड़ों में हवा भरने वाली जगह पर बलगम आ जाए.

जैमुआए साए उंग नाम के एक थाईलैंड निवासी ने बताया कि उसे काफी थकावट महसूस होती थी और कुछ भी खाने का मन हीं करता था.

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