पारुल जैन
हम मिट्टी में पैदा हुए और मिट्टी में ही मिल जाएंगे। मिट्टी में ही पेड़ पौधे उगते हैं जो हमें जीवन देते हैं यानी मिट्टी जीवनदायिनी है। इन सबके साथ साथ मिट्टी अपने चिकित्सीय गुणों के कारण हमारे स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए बहुत उपयोगी है।
मिट्टी से जुड़ी ऐसी ही एक बरसों पुरानी थेरेपी है मड थेरैपी। साधारण भाषा में मिट्टी से शरीर पर लेप को मड थेरैपी कहा जाता है। इससे त्वचा तो सुंदर बनती ही है, साथ में यह तनाव को दूर कर आंखों की रोशनी भी बनाए रखती है। धरती में कई तरह के खनिज पदार्थ और पोषक तत्व पाए जाते हैं जो ज़मीन पर मौजूद मिट्टी में मिल जाते हैं।
अपने इन्हीं गुणों के चलते आधुनिक चिकित्सा थेरेपी के मुकाबले ये मड थेरेपी बिना किसी साइड इफेक्ट के बीमारी की जड़ तक जाकर उसे खत्म कर हमें आराम पहुंचाती है। मिट्टी में इतने चमत्कारी गुण है कि अब इसे रोगों के निदान के रूप में देखा जाने लगा है। ये त्वचा को नर्म मुलायम रखने के साथ उसमें स्वस्थ चमक लाती है। साथ ही ये त्वचा के रोगों के निदान में कारगर है और हमें बरसातों में होने वाली बीमारियों से भी बचाती है।
मड थेरेपी कैसे काम करती है?
हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है जिसने अग्नि, वायु, पृथ्वी, आकाश और जल शामिल है। जिसमें पृथ्वी से हमारा भौतिक शरीर बना है। जिन तत्वों, धातुओं और अधातुओं से पृथ्वी बनी उन्हीं से हमारे भौतिक शरीर की भी रचना हुई है। तो धरती में मौजूद खनिज और पोषक तत्व हमारे शरीर के लिए भी उतने ही कारगर हैं। यही कारण है कि मिट्टी हमारे कई असाध्य रोगों का बढ़िया इलाज़ है। इसके अलावा यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास में भी सहायक है।
मड थेरेपी के फायदे:
1.पाचन में मददगार : मिट्टी में हमारे शरीर के विषैले तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता होती है। पेट पर मिट्टी का लेप लगाने से शरीर मे मौजूद विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं जिससे हमारी पाचन क्रिया दुरुस्त होती है। इसके अलावा पेट पर मिट्टी का लेप करने से ये हमारे शरीर को अंदर से ठंडा रखता है जिससे सिर दर्द, हीट स्ट्रोक और यहां तक की बुखार में भी आराम मिलता है।
2. तनाव से मुक्ति: चूंकि मिट्टी की तासीर ठंडी होती है तो ये थेरेपी नर्वस सिस्टम से जुड़े कई रोगों जैसे तनाव, अनिद्रा, गहन चिंता, अवसाद से मुक्ति दिलाने में मददगार साबित होती है।
3.नेत्रों के लिए फायदेमंद: आजकल हम सभी के नेत्र ज्यादातर समय स्क्रीन से चिपके रहते है, फिर वो चाहे मोबाईल हो टीवी हो या लैपटॉप स्क्रीन हो। नतीज़न हमारी आंखें अपने तय काम से ज्यादा काम कर रही हैं, उस पर हमारी आंखें इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसिस से निकलने वाले हानिकारक रेडिएशन के सम्पर्क में लगातार रहती हैं। तो मड थेरेपी इससे निजात पाने का एक कारगर तरीका है। वैसे भी हमारी दादी नानी के ज़माने से कहा जाता है कि मिट्टी पर नंगे पैर चलने से या आंखों के आसपास मिट्टी का लेप लगाने से आंखों की रोशनी तेज़ होती है और वे स्वस्थ रहती हैं।
4. सुंदर त्वचा: मड थेरेपी का सबसे बड़ा फयदा हमारी त्वचा को होता है। मिट्टी के लेप से जहाँ एक तरफ त्वचा डिटॉक्सिफाई होती है वहीं इससे पित्त के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है। इससे त्वचा के कील मुहांसे खत्म होते है और त्वचा चमकने लगती है। वैसे भी आज तक भी फेस पैक में मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग होता है। तो देखा आपने, इतने औषधीय गुणों से युक्त है मिट्टी।