निपाह वायरस : केरल के युवक की जांच रिपोर्ट साकारात्मक - स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा

गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को गहन देखभाल की जरूरी है।;

Update: 2019-06-04 06:21 GMT

केरल । केरल की स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा ने मंगलवार को पुष्टि करते हुए कहा कि कोच्चि के पास इलाज करा रहे युवक की निपाह वायरस (एनआईवी) की जांच रिपोर्ट साकारात्मक आई है। इस जांच की पुष्टि पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वीरोलॉजी ने की।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस आपातकाल से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। पिछले साल मई में कोझिकोड और मलाप्पुरम जिलों में निपाह (एनआईवी) वायरस के 22 मामलों में 12 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद लोगों में इसका भारी डर बैठ गया है।

केरल के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने संवादाता सम्मेलन में कहा कि निपाह वायरस के एक सकारात्मक मामले की पुष्टि की। कोच्चि के एर्नाकुलम के एक व्यक्ति को पुणे वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट से आए परिणामों में सकारात्मक परीक्षण किया गया था। हमारे निगरानी में 86 लोग है। एर्नाकुलम स्वास्थ्य प्रशासन ने कहा कि युवक का इलाज कोच्चि के निकट एक निजी अस्पताल में चल रहा है। स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। कोच्चि के एर्नाकुलम मेडिकल कॉलेज में विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है।

निपाह वायरस का लक्षण- बुखार, सिरदर्द, म्यालगिया की अचानक शुरुआत, उल्टी, सूजन, विचलित होना और मानसिक भ्रम शामिल हैं। संक्रमित व्यक्ति 24 से 48 घंटों के भीतर कॉमेटोज हो सकता है, उपचार का मुख्य आधार बुखार और तंत्रिका संबंधी लक्षणों के प्रबंधन पर केंद्रित है। संक्रमण नियंत्रण उपाय अहम हैं, क्योंकि व्यक्तिगत रूप से ट्रांसमिशन हो सकता है. गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को गहन देखभाल की जरूरी है। 


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