भाजपा: महत्वाकांक्षा रखने वाले सबसे बड़े "नालायक"

मुरलीधर राव ने मंच से उन वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी का मुद्दा उठाया जो यह कह रहे हैं कि उन्हें पार्टी में उचित सम्मान और स्थान नही मिला।

Update: 2021-09-09 13:48 GMT

अरुण दीक्षित

भोपाल। दो-तीन बार संसद और विधानसभा का सदस्य बनने के बाद भी अगर भाजपा का कोई नेता यह कहता है कि उसे उचित मौका नही मिला तो वह सबसे बड़ा "नालायक" है। ऐसे नेताओं को कोई मौका नही दिया जाना चाहिए!

यह राय है मध्यप्रदेश भाजपा के प्रभारी मुरलीधर राव की। राव गुरुवार को भोपाल में थे।वह पार्टी से जुड़े अनुसूचित जाति और जनजाति के नेताओं से संवाद कर रहे थे।इस कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे।यह संवाद यह जानने के लिए किया गया था कि तमाम योजनाएं चलाने के बाद भी आरक्षित वर्गों में पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ क्यों नही रही है।

मुरलीधर राव ने मंच से उन वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी का मुद्दा उठाया जो यह कह रहे हैं कि उन्हें पार्टी में उचित सम्मान और स्थान नही मिला।

राव ने कहा-तल्ख शब्दों में कहा-जो लोग चार- चार,पांच -पांच बार लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं उन्हें रोना नही चाहिए!

उन्होंने कहा-अगर ऐसा कोई नेता कहता है कि उसे मौका नही मिला तो उससे बड़ा नालायक कोई नहीं।ऐसे लोगों को कोई मौका दिया भी नही जाना चाहिए!

उनके इस बयान से पार्टी में खलबली मच गई है।पीढ़ी बदल की प्रक्रिया में सरकार और संगठन से बाहर किये गए वरिष्ठ नेताओं में खासी नाराजगी है।उधर वे नेता भी मुंह छिपा रहे हैं जिनकी मौजूदगी में राव ने अपने वरिष्ठ नेताओं को "नालायक" बताया है।

हालांकि भाजपा नेता राव के बयान पर प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं लेकिन उनका यह मानना है कि यह उस पूरी पीढ़ी का अपमान है जिसने पार्टी को खड़ा करने में अपना जीवन खपा दिया है।

एक वरिष्ठ नेता ने यह माना कि राव की टिप्पणी गलत और अशिष्ट है।यह भाजपा के संस्कार नही हैं।उन्हें अपनी बात कहने के लिए "उचित" शव्द का चयन करना चाहिये था।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में भाजपा के ऐसे कई प्रमुख नेता हैं जो वरिष्ठ होने के बाद भी किसी पद पर नही हैं।कांग्रेस से आये ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन से सत्ता में वापस लौटी भाजपा ने सिंधिया समर्थक विधायकों को मंत्री बनाने के लिए अपने कई वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की।

उधर केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन की कमान युवा विष्णुदत्त शर्मा को देकर वरिष्ठ नेताओं को संगठन से भी बाहर कर दिया।इस बजह से बहुत से नेता नाराज हैं।

मुरलीधर राव ने ऐसे नेताओं को चेतावनी देने के नाम पर उन्हें नालायक बता कर आग में घी डालने का काम किया है।

उधर कांग्रेस ने इस पर चुटकी ली है।कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट करके कहा है- बिकाऊओं के आने के बाद टिकाऊओं का रोज हो रहा है अपमान!कांग्रेस ने कहा है वे मुरलीधर राव जो अभी तक खुद न सांसद बने है और न विधायक,वरिष्ठ नेताओं को नालायक बता रहे हैं।उनकी मौका न मिलने की शिकायत को रोना बता रहे हैं।यह बेहद शर्मनाक है।

भाजपा नेताओं का एक वर्ग इस पूरी घटना को दबाने की कोशिश कर रहा है।एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा-राव हिंदी भाषी नही हैं।इसलिए यह शव्द बोल गए।यह कोई बड़ी बात नही है।उनकी भावना किसी का अपमान करने की नही रही होगी।

जबकि एक बुजुर्ग नेता का कहना था-आज क्या प्रतिक्रिया पूछ रहे हो!यह तो उसी दिन तय हो गया था जिस दिन आडवाणी और जोशी जी को मार्गदर्शक मंडल में भेजा गया था।तब उनसे उनकी "लायकी" के बारे में कहा नही गया था।अब साफ बता दिया गया है।अब काहे का सवाल और काहे का जवाब!

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