विदिशा में बीमार बच्चियों को कार्यक्रम में बैठाने पर बाल आयोग ने जवाब तलब किया

इस बारे में जब स्थानीय मीडिया में जानकारी आयी तो राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

Update: 2021-08-23 14:01 GMT

विशेष संवाददाता

भोपाल।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सबसे प्रिय जिले विदिशा में सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के लोकार्पण के समय बीमार बच्चियों को जबरन बैठाए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है।राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य के मुख्यसचिव से जवाब तलब किया है।हमेशा कन्या पूजन करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस मुद्दे पर फिलहाल मौन साधे हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह शिवराज सिंह ने विदिशा जिले में बने ऑक्सीजन प्लांट्स का वर्चुअल उदघाटन किया था।इनमें विदिशा के सरकारी अस्पताल में बना ऑक्सीजन प्लांट भी शामिल था।

मुख्यमंत्री ने व्यस्तता के चलते भोपाल से ही वर्चुअल उदघाटन किया।लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने अस्पताल में अपने स्तर पर आयोजन किया।इस आयोजन में जिले के आला अधिकारी और भाजपा नेता भी शामिल हुए।मुख्यमंत्री ने भोपाल से ही भाषण देकर कोरोना काल में ऑक्सीजन की महत्ता समझाई और साथ में अपनी उपलब्धियों का भी जिक्र किया।चूंकि वे भोपाल में अपने वातानुकूलित कक्ष में बैठकर भाषण दे रहे थे इसलिए उन्हें यह दिखाई नही दिया कि कार्यक्रम में कन्या पूजन के नाम पर अस्पताल में भर्ती कन्याओं को ही लाकर धूप में बैठा दिया गया है।

अस्पताल सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री हमेशा कन्या पूजन करते हैं इसलिए अंतिम समय में अधिकारियों को कन्या पूजन की याद आयी।अचानक कन्याओं को खोजा गया।जब आसपास कन्याएं नही मिलीं तो अस्पताल में भर्ती कन्याओं को ही आयोजन स्थल पर बुला लिया गया।बीमार बच्चियां अपने माँ बाप के साथ काफी देर तक खुले आसमान के नीचे धूप में बैठी रहीं।

इस बारे में जिले के स्वास्थ्य व प्रशासनिक अधिकारी अब मौन साध चुके हैं।जबकि जिन बीमार बच्चियों को कार्यक्रम में लाया गया उनके अविभावकों ने साफ कहा कि उन्हें नर्स और गार्ड जबरन कार्यक्रम में लाये थे।उनसे कहा गया कि मुख्यमंत्री आने वाले हैं इसलिए उन्हें कार्यक्रम में शामिल होना है।

इस बारे में जब स्थानीय मीडिया में जानकारी आयी तो राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने 21 अगस्त को एक पत्र राज्य के मुख्यसचिव को लिखा है।उन्होंने कहा है कि इस तरह कार्यक्रम में बीमार बच्चों को बुलाया जाना किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 का उल्लंघन है। आयोग के अध्यक्ष ने सात दिन में उत्तर देने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि शिवराज सिंह चौहान कन्या सेवा के लिए जाने जाते हैं।जब वे विदिशा से सांसद थे तब अपने क्षेत्र की गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह भी कराते थे। दो बेटों के पिता शिवराज ने कई अनाथ बच्चियों को गोद भी लिया था।उन्होंने सरकारी कार्यक्रमों में कन्या पूजन को "परम्परा" बना दिया है।

लेकिन उनके अपने जिले में बीमार बच्चियों को आयोजन में बैठाने पर अभी तक वे कुछ भी नही बोले हैं।उधर ऑक्सीजन प्लांट के सामने फोटो सेशन करने बाले सरकारी अफसर और विधायक भी अब मौन हैं।कुछ अफसरों ने इस घटना से ही अनभिज्ञता जाहिर की है।इस संवाददाता ने अफसरों से बात करनी चाही तो वे उपलब्ध ही नही हुये।

उधर वरिष्ठ नेता और विदिशा के पूर्व सांसद प्रतापभानु शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम पर दुख जताया है।उन्होंने कहा है कि बीमार बच्चियों को जबरन कार्यक्रम में लाकर बैठाना बहुत ही गलत है।वह भी उस कार्यक्रम में जो खुद मुख्यमंत्री के नाम पर हो रहा हो।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।ताकि भविष्य में अधिकारी इस तरह की हरकत न करें।

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