पूर्व CM की डॉक्टर बहू से ड्यूटी पर हुई थी बदसलूकी, FIR दर्ज नहीं हुई तो दिया इस्तीफा!

डॉ. रचना शुक्ला के साथ कुछ लोगों ने बदतमीजी की थी, जो मरीज के साथ इलाज करवाने के लिए आए थे। लेकिन पिछले तीन महीने से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उन्होने इस्तीफा देकर अपनी नाराजगी का इजहार किया था।;

Update: 2018-05-08 11:11 GMT
Dr Rachna Shukla
मध्य प्रदेश के जबलपुर में पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल की बहू डॉ. रचना शुक्ल के साथ सेठ गोविंददास जिला अस्पताल (विक्टोरिया) में ड्यूटी के दौरान अभद्रता हुई, लेकिन इस मामले में तीन माह बाद भी एफआईआर नहीं हुई तो उन्होंने आहत होकर सोमवार को केजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे दिया।
वहीं जबलपुर कलेक्टर छवि भारद्वाज ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठोस कार्रवाई की है। कलेक्टर भारद्वाज ने डॉक्टर रचना शुक्ला को सुरक्षा प्रदान करने की बात कही है, साथ ही उन लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाने के भी आदेश दिए हैं, जिन्होने डॉक्टर शुक्ला के साथ बदसलूकी की थी।
जबलपुर के जिला अस्पताल में कार्यरत डॉ. रचना शुक्ला ने ड्यूटी के दौरान अभद्रता करने के मामले में तीन माह बाद भी एफआईआर नहीं करने से आहत होकर सोमवार को केजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफा सिविल सर्जन के मार्फत स्वास्थ्य संचालक को भेजा है। डॉ. शुक्ला ने जबलपुर कलेक्टर और एसपी पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। मामला गरमाने पर स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह ने जबलपुर कलेक्टर छवि भारद्वाज से रिपोर्ट तलब कर ली थी।
दरअसल, जबलपुर जिला अस्पताल में बतौर मेडिकल ऑफिसर डॉ. रचना शुक्ला कार्यरत थी. 5 फरवरी की शाम उनकी इमरजेंसी ड्यूटी थी। तभी एक महिला 10 माह की बच्ची को लेकर इलाज कराने आई। उसे दो दिन पहले डायरिया हुआ था, जिसका इलाज उसने प्राइवेट प्रैक्टिशनर डॉक्टर से कराया था।
बच्ची की सेहत सुधर रही थी कि इमरजेंसी यूनिट में बच्ची की जांच कर जरूरी दवाएं देकर अगले दिन दोबारा जांच कराने की सलाह महिला को दी गई। इस पर महिला के साथी बिफर गए और गाली-गलौच करना शुरू कर दी। इस घटना की सूचना मिलने पर ओमती थाना पुलिस आई. जब शिकायत ओमती पुलिस थाने में की गई तो पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की। घटना की एफआईआर कराने 5 फरवरी को ओमती पुलिस थाने रात करीब 9 बजे गई थी। उस समय अस्पताल में मुझसे बदसलूकी करने वाले 10 लोगों की भीड़ वहां मौजूद थी। वह मेरे खिलाफ एफआईआर कराने थाने पहुंचे थे।



 डॉ. रचना शुक्ला ने यह भी बताया कि 15 अप्रैल की शाम जब वे ड्यूटी से लौट रही थी तब चार लोगों ने बाइक से उनका पीछा किया। 2-3 मई की शाम कार का पीछा कर एक युवक ने एसिड की बॉटल दिखाकर धमकाया। मैंने एसपी और कलेक्टर से मुलाकात की, उन्हें परेशानी बताई इसके बावजूद एफआईआर नहीं हुई।

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