Indian Commando: जानिए भारत की स्पेशल फोर्सेज, के बारे में दुश्मनों के छुड़ा देते हैं छक्के!!
जैसा कि सभी को पता है कि इंडिया आज के समय में शक्ति के मामले में बेहद आगे हैं। ऐसे में इंडिया के पास एक से बढ़कर एक स्पेशल फोर्सेज है;
Special Forces of India:
जैसा कि सभी को पता है कि इंडिया आज के समय में शक्ति के मामले में बेहद आगे हैं। ऐसे में इंडिया के पास एक से बढ़कर एक स्पेशल फोर्सेज है जिससे कमांडो देश को आतंकी हमलों और लोगों को हॉस्टेज सिचुएशन से बचाने, सीक्रेट ऑपरेशन करने, सर्जिकल स्ट्राइक और कॉम्बैट रीकॉनसेंस में अहम भूमिका निभाते हैं.
Special Forces of India:
विश्व के सभी देशों में बेहतरीन कमांडो फोर्सेज है। इंडिया भी इस मामले में किसी से पीछे नहीं है। हमारे पास भी कई सारी ऐसी स्पेशल फोर्सेज हैं जो दुश्मनों के छक्के छुड़ा देती है। यह कमांडो किसी काल से कम नहीं है।
यह कमांडो देश में होने वाले किसी भी तरह के आतंकी हम लोग को रोकने और सीक्रेट ऑपरेशन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जो जल, थल और वायु में किसी भी तरह के मिशन को पूरा कर सकते हैं. यहां जानिए युद्ध में दुश्मन को धूल चटाने वाले देश के पांच घातक कमांडो फोर्सेस के बारे में.
Marcos Commando Force
मार्कोस कमांडो फोर्स को देश का नेवी सील कहा जाता है जो 1987 में बनाई गई थी। इंडियन नेवी के लिए तैयार यह कमांडो जमीन और आसमान में ही दुश्मन से लोहा लेने के लिए तैयार रहते हैं।
इन्हें अमेरिकी नेवी सील की तरह ट्रेनिंग दी जाती है जो दुनिया भर के लेटेस्ट हत्यारों को चलाना जानते हैं. इसके बेहतरीन स्नाइपर्स दूर से ही दुश्मन का माथा गोली से उड़ा सकते हैं. जानकारी के मुताबिक इस समय इस फोर्स में 1200 कमांडो हैं.
CoBRA Commando Force
कोबरा कमांडो फोर्स 2008 में बनाई गई थी जिसका पूरा नाम कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन है. इन्हें गोरिल्ला और नक्सल वॉरफेयर के लिए ट्रेनिंग मिलती है, जो 3 महीने की होती है.
आपको बता दें कि इस फोर्स में 10,000 कमांडो है। यह कमांडो दुश्मनों पर लगातार हमला करने के लिए एक्सपर्ट होते हैं।ये कमांडो राष्ट्रपति भवन, संसद समेत देश की महत्वपूर्ण भवनों की सुरक्षा करते हैं.
Para SF
डोगरा रेजिमेंट की खतरनाक टुकड़ी के साथ पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले पैरा एसएफ के जवान ही थे, जो पैराशूट कमांडो भी कहलाते हैं. इस फोर्स को 1965 में भारत-पाक युद्ध के समय बनाई गई थी।
इसकी ट्रेनिंग 9 महीने की होती है।इनकी ट्रेनिंग में 30 से 35 हजार की ऊंचाई से छलांग लगाना और 65 किलो वजन के साथ कई किलोमीटर की दौड़ भी शामिल है.
खतरनाक ट्रेनिंग पूरी कर लेने वाले कैडेट को मरून टोपी मिलती है, जो पैरा एसएफ जवान की पहचान है. इनके यूनिफॉर्म में कैमोफ्लॉज की सुविधा होती, जो जगहों के हिसाब से छिपने में मदद करता है. देश में इनकी कुल 9 बटालियन है.
NSG Commando Force
देश के बड़े बड़े आतंकी हमले जैसे 26/11 और अक्षरधाम मंदिर के मामलों में एनएसजी कमांडो फोर्स ने ही दुश्मनों को ढेर किया था। एनएसजी फोर्स का पूरा नाम नेशनल सिक्योरिटी गार्ड है जिसको 1984 में बनाया गया था।
जानकारी के मुताबिक वर्तमान में इस फोर्स में 10 हजार कमांडो हैं, जो अलग-अलग टीमों में काम करते हैं. ये कमांडो सैन्य, अर्द्धसैनिक बल या पुलिस से हो सकते हैं, जिन्हें 14 महीने की ट्रेनिंग दी जाती है.
Garud Commando Force
गरुड़ कमांडो फोर्स एयर फोर्स की घातक फोर्स है,जिसका गठन फरवरी 2004 में किया गया था। इनकी ट्रेनिंग 72 हफ्तों की होती है।
गरुड़ कमांडो रात में भी हवा और पानी में अटैक कर सकते हैं।जानकारी के मुताबिक वर्तमान में 1780 गरुड़ कमांडो हैं. हवाई हमले के लिए ट्रेन्ड यह फोर्स एयर असॉल्ट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, क्लोज प्रोटेक्शन, सर्च एंड रेसक्यू, एयरफील्ड्स की सुरक्षा करती है.