चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल: भारत-पाकिस्तान के बीच खिताबी भिड़ंत, आज थम जायेगा वक्त
Today India-Pakistan title bout in Champions Trophy Final;
लंदन: आज ICC चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारतीय टीम चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेलेगी, तो सरहद के दोनों पार वक्त मानों थम जायेगा और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले की सौगात मिलेगी। कोई भी टूर्नमेंट खेल भावना से बड़ा नहीं होता, लेकिन जब भी भारत-पाक भिड़ते हैं तो अक्सर भावनाएं हावी नजर आती हैं। इस फाइनल में भी इसी की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव ने क्रिकेट की इस जंग को और रोमांचक बना दिया है।
कहते हैं कि इतिहास अक्सर खुद को दोहराता है। भारत-पाकिस्तान के बीच मैच हो तो यह इतिहास और तेजी से खुद को दोहराता नजर आता है। कुल मिलाकर इतिहास भी पाकिस्तान के साथ नजर नहीं आ रहा है। 1999 के विश्वकप के बाद से भारत ने इंग्लिश धरती पर खेले गए 4 वनडे मैचों में से 3 बार पाकिस्तान को धोया है। आईसीसी द्वारा आयोजित टूर्नमेंट्स में भारत और पाकिस्तान 15 बार टकराए हैं। इसमें 13 बार टीम इंडिया को जीत मिली है।
द्विपक्षीय क्रिकेट को भारत सरकार से अनुमति नहीं मिलने के कारण दोनों टीमें सिर्फ आइसीसी टूर्नामेंटों में एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं। गत चैंपियन भारत ने टूर्नामेंट के पहले मैच में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। वही टूर्नमेंट में दयनीय प्रदर्शन से शुरुआत करने वाली पाकिस्तानी टीम ने जिस अंदाज में इंग्लैंड को रौंदा वह किसी भी विपक्षी के लिए चिंता की बात है। इस जीत के बाद से ही पाकिस्तानी टीम के हौसले बुलंद हैं। कुछ ऐसे पॉइंट्स और आंकड़े हैं जिन्हें लेकर टीम इंडिया को चिंता करने की जरूरत है।
वैसे तो टीम इंडिया की बैटिंग लाइन की गहराई किसी भी गेंदबाज के लिए खौफनाक है पर जब बात पाकिस्तान की हो तो आप पूरे मामले को हल्के में नहीं ले सकते। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने इस टूर्नमेंट में विरोधी टीमों के 28 बल्लेबाजों को आउट किया है, जो सर्वाधिक है। टूर्नमेंट के टॉप 5 गेंदबाजों में पाकिस्तान के दो गेंदबाज हैं। हसन अली और जुनैद खान की जोड़ी ने मिलकर 17 विकेट लिए हैं। इसमें हसन के खाते में 10 विकेट जबकि जुनैद के खाते में 7 विकेट हैं। मिडल ओवरों में इनकी डेथ गेंदबाजी भारत के लिए चिंता की बात है।