जिला अस्पताल में लापरवाही ने ली नवजात की जान, मॉर्च्युरी में शव को खाती रहीं चींटियां

Update: 2016-06-07 05:45 GMT
इंदौर: एमवायएच के बाद अब जिला अस्पताल में लापरवाही ने नवजात की जान ले ली। परिजन का आरोप है कि तीन दिन की बच्ची की टीका लगाने के बाद हालत बिगड़ी। कई बार स्टाफ को बुलाने के बाद भी बच्ची की हालत को नजरअंदाज किया गया। सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।

इसके बाद पोस्टमॉर्टम कहां हो, इसे लेकर डॉक्टर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। तब तक जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में बच्ची के शव को चींटियां खाती रहीं। नवजात के माता-पिता डॉक्टरों के सामने पोस्टमॉर्टम जल्द करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।

जब उन्होंने हंगामा किया तब शव दूसरे सरकारी अस्पताल भेजा गया और पीएम हो सका। डॉक्टरों का कहना था कि एमवायएच में पोस्टमॉर्टम करवाओ, जबकि बच्ची के पिता का कहना था कि हम जिला अस्पताल में ही पोस्टमॉर्टम करवाएंगे।

सिरपुर के राम बलराम नगर निवासी सुरेश बघेल की पत्नी संगीता ने शुक्रवार को जिला अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। डिलिवरी नॉर्मल थी। पिता ने बताया कि शनिवार को बेटी को टीका लगाया गया, जिसके बाद उसका शरीर तपने लगा। हमने नर्स से दो-तीन बार कहा, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

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