बोले हरियाणा गवर्नर: गांवों में डर का माहौल, दिल्ली में भी धारा 144

Update: 2016-06-06 06:00 GMT
हरियाणा: जाट आंदोलन के पहले दिन कोई हिंसा नहीं हुई। हालांकि, गवर्नर प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा, हरियाणा में माहौल ठीक नहीं है। गांव में डर ज्यादा है। तभी तो आज लोग कह रहे हैं कि बाहर मत जाओ। सोनीपत के बाद रोहतक में भी मोबाइल इंटरनेट और बल्क एसएमएस पर बैन लगा है।

दिल्ली पुलिस ने सिक्युरिटी के लिहाज से हरियाणा से सटे कुछ इलाकों में धारा 144 लगाने का फैसला लिया है। द्वारका, नजफगढ़, अलीपुर और बवाना जैसे जाट बहुल इलाकों में सोमवार से धारा 144 लागू होगा। इस बीच हरियाणा रोहतक के जसिया गांव में धारा-144 तोड़ने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

जाट आंदोलन दूसरे राज्य में भी फैल सकता है। बता दें कि 'जाट आरक्षण संघर्ष समिति' के चीफ यशपाल मलिक ने कहा है कि रिजर्वेशन हासिल करने के लिए 8 जून को यूपी, 10 जून को एमपी और 11 जून को उत्तराखंड में आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा, राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों में भी आंदोलन के लिए तारीख तय की जा रही है।

डीजीपी ने कहा है कि हरियाणा पुलिस ने वाट्सएप पर नजर रखना शुरू कर दिया है। अगर कोई शख्स सोशल मीडिया पर आरक्षण आंदोलन के बारे में कोई अफवाह या भड़काऊ मैसेज भेजता है तो उसके खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा। बता दें आंदोलन 15 दिन तक जारी रहेगा। मांगे नहीं माने जाने की स्थिति में जाट बड़ा आंदोलन करेंगे।

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