जम्‍मू कश्‍मीर में राज्‍यपाल शासन का फारूक अब्दुल्ला ने किया समर्थन, PM मोदी का किया तारीफ़

Farooq Abdullah's support governor's rule in Jammu Kashmir;

Update: 2017-05-28 12:12 GMT
जम्मू कश्मीर : पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर में तत्काल राज्यपाल शासन लगाने का समर्थन करते हुए कहा कि कि देश में सांप्रदायिक तनाव पर नियंत्रण का एकमात्र यही तरीका है। अब्दुल्ला ने कहा, 'हम कभी राज्यपाल शासन के पक्षधर नहीं रहे, हमने हमेशा इसका विरोध किया। लेकिन और कोई रास्ता नहीं है।'

बता दे कि नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ही कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के लिए नई दिल्ली बुलाया था। अब्दुल्ला ने कहा कि महीनों से अशांति के दौर से गुजर रहे राज्य में MODI हालात का शांतिर्पूण समाधान चाहते हैं। उन्होंने यहां कहा, 'मैं आपको नहीं बता सकता कि मैंने प्रधानमंत्री के साथ क्या चर्चा की। बस इतना बता सकता हूं कि वह राज्य में हालात के बारे में चिंतित हैं और इसका शांतिपूर्ण अंत चाहते हैं।'

वही फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती सरकार पर 'सभी मोर्चे पर विफल' होने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल दक्षिण कश्मीर ही नहीं समूची घाटी 'त्रासदी' की गिरफ्त में है। 'ये त्रासदी बाकी देश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ा रही हैं। इसलिए जितना जल्द इस समस्या का समाधान करेंगे, उतनी जल्दी ही हम इन अंगारों को धधकती आग में बदलने से रोक सकेंगे।' उन्होंने BJP में हाशिए के तत्वों से कश्मीर पर कोई भड़काऊ बयान नहीं देने की अपील की।

अब्दुल्ला ने कहा, 'आइए एक आवाज बनें। जब PM खुद शांति चाहते हैं दूसरों को इसे सुनना चाहिए।' उन्होंने जोर दिया कि महबूबा मुफ्ती को उस दिन इस्तीफा दे देना चाहिए जिस दिन केंद्र ने उच्चतम न्यायालय में लिखित में दिया कि वह अलगाववादियों से बात नहीं करेगा। महबूबा मुफ्ती ने बार बार कश्मीर में 'सभी हितधारकों' के साथ वार्ता के लिए कहा।

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