आतंकी बुरहान की बरसी पर सुरक्षाबलों ने नाकाम की कश्मीर दहलाने की साजिश

कश्मीर में शनिवार को कड़ी सुरक्षा व प्रशासनिक पाबंदियों के चलते आतंकी बुरहान की बरसी पर आतंकियों व अलगाववादी संगठनों की ओर से घाटी को दहलाने व फिर हिंसाचक्र शुरू करने की साजिश नाकाम रही।;

Update: 2017-07-09 05:32 GMT
श्रीनगर: कश्मीर में शनिवार को कड़ी सुरक्षा व प्रशासनिक पाबंदियों के चलते आतंकी बुरहान की बरसी पर आतंकियों व अलगाववादी संगठनों की ओर से घाटी को दहलाने व फिर हिंसाचक्र शुरू करने की साजिश नाकाम रही। निषेधाज्ञा व कई जगह कर्फ्यू के चलते त्राल चलो मार्च भी नाकाम बना दिया गया। आतंकियों ने बांडीपोरा में सेना के गश्तीदल पर हमला जरूर किया, लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें खदेड़ दिया।
इस हमले में सेना के एक कैप्टन सहित तीन
सुरक्षाकर्मी
घायल हो गए। वहीं वादी में विभिन्न इलाकों में छिटपुट हिंसक झड़पों में करीब 25 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। पुलवामा के विभिन्न हिस्सों में सेना ने शरारती तत्वों को चेतावनी देते हुए फलैग मार्च भी किया। पूरे कश्मीर में शाम तक एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद रही। हालांकि देर रात कुछ जगह इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। वहीं बनिहाल-बारामुला रेल सेवा भी बंद रही।
आतंकी बुरहान को आठ जुलाई, 2016 को सुरक्षाबलों ने उसके दो अन्य साथियों के साथ मार गिराया था। शनिवार को उसकी पहली बरसी पर आतंकी व अलगाववादी संगठनों ने त्राल चलो का आह्वान किया था। प्रशासन ने अलगाववादियों और आतंकियों के मंसूबों को भांपते हुए त्राल व उसके साथ सटे इलाकों में कर्फ्यू लागू कर पूरी वादी में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा को सख्ती से लागू कर दिया। संवेदनशील इलाकों में आने-जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया था। वादी में कहीं कोई दुकान नहीं खुली। सड़कों पर वाहन भी नजर नहीं आए। गली-बाजार पूरी तरह सुनसान रहे और सामान्य जनजीवन ठप होकर रह गया।
इस बीच त्राल में सुबह ही बड़ी संख्या में युवकों ने जमा होकर राष्ट्रविरोधी नारेबाजी करते हुए शरीफाबाद ईदगाह की तरफ मार्च करने का प्रयास किया। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर वे हिंसा पर उतर आए। उन्हें काबू करने के लिए सुरक्षाबलों को भी बल प्रयोग करना पड़ा। पुलवामा व शोपियां के विभिन्न इलाकों में भी पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए आसूंगैस, लाठियां व पैलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा। अनंतनाग में भी हिंसक झड़पें हुईं। जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के रैनावारी, कमरवारी, बरथना और डाउन-टाउन के कुछ हिस्सों में पुलिस व आतंकी संमर्थकों के बीच सुबह से शाम तक हिंसक झड़पें चलीं।
सुबह करीब चार बजे उत्तरी कश्मीर के हाजिन (बांडीपोरा) में सेना की 13 राष्ट्रीय रायफल (आरआर) का एक गश्तीदल गुजर रहा था। सैन्य गुडविल स्कूल और स्थानीय कम्युनिटी हॉल को जोड़ने वाली सड़क पर एक जगह छिपे आतंकियों ने गश्तीदल पर हमला कर दिया। हमले में तीन सैन्यकर्मी घायल हो गए। अन्य जवानों ने घायल साथियों को वहां से हटाते हुए जवाबी फायर किया। करीब 15 मिनट तक दोनों तरफ से गोलियां चलीं। इसके बाद आतंकी निकटवर्ती बस्ती की तरफ भाग गए।
हमले में घायल सैन्यकर्मियों की पहचान प्रवीण कुमार, ब्रिजेश कुमार और रमेश रावत के रूप में हुई है। इनमें एक कैप्टन रैंक का अधिकारी भी शामिल है। तीनों को श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं हमले के फौरन बाद सेना और पुलिस के जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया। सुबह 10 बजे तक जारी रहे इस अभियान में सुरक्षाबलों को आतंकियों का कोई सुराग नहीं मिला।

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