मंदसौर: मारे गये किसानों के परिजनों से मिले शिवराज सिंह, हटाई गई धारा 144
Shivraj Singh meet the families of killed farmers;
भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आज मंदसौर के आंदोलन में मारे गये किसानों के परिजनों से मुलाकात की। शिवराज सिंह चौहान की मंदसौर यात्रा से पहले हिंसा प्रभावित क्षेत्र से धारा 144 हटा लिया गया। परिजनों का कहना है कि सरकार घनश्याम धाकड़ के 5 वर्षीय बेटे और 2 महीने की बेटी की पूरी जिम्मेदारी लें। सरकार पढ़ाई की जिम्मेदारी ले। परिजनों ने मांग की है कि सरकार उन पुलिसवालों पर आपराधिक केस दर्ज करें जिन्होंने घनश्याम की पिटाई की। गांववालों ने मांग की है कि गांव के जिन अन्य किसानों को जेल में बंद किया गया है उन्हें छुड़ाया जाए। हालांकि मंदसौर में हिंसक आंदोलन के बाद लगे कर्फ्यू को हटा लिया गया है लेकिन निषेधाज्ञा आदेश अभी भी लागू है।
इससे पहले रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान ने आंदोलन के विरोध में अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया था, जिसे उन्होंने बाद में नारियल के पानी का सेवन कर उपवास समाप्त किया। उन्होंने उपवास खत्म करने से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा, "हम भूमि सलाहकार सेवा लागू करने जा रहे हैं, ताकि किसान जलवायु परिवर्तन के बारे में सही और समय पर जानकारी प्राप्त कर सकें। मैं और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया है कि हम हर जमीन को सिंचाई प्रदान करेंगे। साथ ही किसानों की सहमति के साथ हर नीति को लागू करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में, मध्य प्रदेश कृषि क्षेत्र में नंबर एक स्थान पर है। चौहान ने कहा कि किसान उनके ख्वाबों में भी हैं हकीकत में भी हैं। उनकी हर समस्या हमारी समस्या है, मैंने हमेशा कृषि उत्पादकता बढ़ाने के बारे में सोचा है।
वहीं, खबर यह भी है कि किसानों के इस संघर्ष को लेकर कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी बुधवार से भोपाल में सत्याग्रह करेंगे। कांग्रेस के प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने बताया कि पार्टी ने बुधवार की दोपहर एक बजे शुरू होने वाले 72 घंटे के इस सत्याग्रह के लिए दशहरा मैदान पर सभी तैयारियों को अंजाम दे दिया है। बुधवार से सिंधिया का सत्याग्रह शुरू होगा, जिसमें सिंधिया के अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव भी शामिल होंगे।