CM शिवराज सिंह आज खत्म कर सकते हैं उपवास, मारे गए किसानों के परिजनो ने की आग्रह
today Chief Minister Shivraj Singh can end fast;
भोपाल: मध्य प्रदेश के मंदसौर से शुरु हुए किसान आंदोलन का आज 11वां दिन है। प्रदेश में शांति स्थापित करने के लिए CM शिवराज सिंह चौहान शनिवार से उपवास कर रहे हैं। वही मंदसौर में मारे गये 4 लोगों के परिजनों ने शनिवार को सीएम से मुलाकात की और उनसे उपवास खत्म करने का आग्रह किया। आज मीडिया से बात करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बताया, "पीड़ित परिवार के लोग मुझसे इतने दुख के बावजूद भी मिले। उन्होंने मुझसे कहा कि आप अपना उपवास खत्म कर दें। उन्होंने गांव भी बुलाया था।"
Families of four farmers who died in #Mandsaur police firing, meet CM Shivraj Singh Chouhan in Bhopal requesting him to call off his fast. pic.twitter.com/gVzs5H8oi2
— ANI (@ANI_news) June 10, 2017
यह जानकारी मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान ने दी। छह जून को मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में पांच किसानों की मौत हो गई थी और छह अन्य किसान घायल हो गये थे, जिसके बाद किसान भड़क गए थे और किसान आंदोलन पूरे मध्यप्रदेश में फैल गया और हिंसक हो गया।
वही शिवराज सिंह चौहान के उपवास के जवाब में कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अब मैदान में उतरेंगे। ये घोषणा की गयी है की कांग्रेस के युवा चेहरा और सांसद ज्योतिदित्य सिंधिया शिवराज सरकार के खिलाफ प्रदेश में 72 घंटों का सत्याग्रह करेंगे। सिंधिया 14 जून को दोपहर 3 बजे भोपाल शहर के टी. टी. नगर दशहरा मैदान में 72 घंटे के लिए सत्याग्रह पर बैठेंगे। अपना सत्याग्रह शुरू करने के एक दिन पहले सिंधिया 13 जून को मंदसौर जाएंगे और छह जून को किसान आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में मंदसौर जिले में मारे गये पांच किसानों के परिजनों से मुलाकात भी करेंगे।
मंदसौर में मरने वाले किसानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने पूरे देश से किसानों और किसान संगठनों का एक प्रतिनिधि मंडल आज सुबह मंदसौर पहुंचेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में मेधापाटेकर, योगेन्द्र यादव, स्वामी अग्निवेश, वीएम सिंह, डॉ-सुनीलम, अविक साहा, के. बालाकृष्णन और सोमनाथ तिवारी हैं। स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव आज मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले का दौरा करेंगे। मध्य प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में मरने वाले किसानों के परिजनों से वह मुलाकात करेंगे। उनते साथ मेधा पाटकर, सुनीलम और अविक साहा भी साथ होंगे।