पुलिस की मामूली चूक लिसाड़ी गेट को मथुरा का जवाहर बाग बना देती

Update: 2016-06-19 06:45 GMT
मेरठ: पुलिस की मामूली चूक लिसाड़ी गेट को मथुरा का जवाहर बाग कांड बना देती। बवाल की सूचना पर एक दरोगा और दो फैंटम सिपाही ही मौके पर पहुंचे। जिन्हें सपा विधायक के भतीजे और साले ने सत्ता की धमक दिखाते हुए पीटकर भगा दिया था।

जिसके बाद मोहल्ले के सैकड़ों लोगों ने हमलावरों को घेर लिया था। पुलिस के लिए अजीब स्थिति उस समय बनी, जब वह हमलावरों और भीड़ के बीच में फंस गई। पुलिस ने बैकफुट पर आकर हमलावरों को भीड़ से बचाने के लिए घर में बंद किया तो भीड़ ने पथराव कर दिया। बाद में फोर्स पहुंचने पर स्थिति काबू में आ पायी।

मकान पर कब्जा करने आए विधायक के रिश्तेदार और साथी इस कदर हावी थे कि सत्ता के मद में ताबड़तोड़ गोलियां चलाने से नहीं डरे। पुलिस वाले पहुंचे तो उन पर भी हमला बोल दिया। हमलावर सपा विधायक का भतीजा और साला होने की बात जानकर पुलिस भी बैकफुट पर आ गई। लेकिन यह दुस्साहस देख आसपास के लोगों की भीड़ भड़क गई। गुस्साई भीड़ बेकाबू हुई तो हमलावरों को जान बचानी भारी पड़ गई।

सैकड़ों लोगों भीड़ ने आबिद के मकान को चारों तरफ से घेर लिया। लोग घर में आग लगाकर हमलावरों की जान लेने पर उतारू थे। सीओ कोतवाली कुंवर रणविजय सिंह समेत कई थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस के सामने भीड़ बेकाबू थी। डर यह था कि भीड़ घर में घुसकर हमला न बोल दे।

सीओ ने मकान की छत से एंट्री की और चारो तरफ फोर्स तैनात कर दी। उधर, भीड़ ने इंस्पेक्टर नौचंदी और दो एसओ से हाथापाई की कोशिश की। पुलिस ने वो गलती की जो जवाहर बाग कांड में की थी। फोर्स एक साथ मौके पर नहीं पहुंची। एक-एक करके पुलिस पहुंचती रही और भीड़ उनके ऊपर हावी होती गई। भारी फोर्स एकत्र हुआ, तब जाकर भीड़ को लाठीचार्ज कर खदेड़ा गया।

विधायक के भतीजे गय्यूर ने लोगोें को धमकी दी कि उसका चाचा सपा विधायक है। जिस पर लोग भड़क गए।  बोले कि आज तुम्हारी नेतागिरी नहीं चलेगी।
बवाल
और लोगों की भीड़ देखकर हमलावर भी घबरा गए। उनको अपनी जान बचानी भारी पड़ने लगी।

पुलिस ने बताया कि विधायक का भतीजा गय्यूर और आबिद प्रापर्टी डीलिंग में पार्टनर हैं। हुमायूं नगर में दोनों ने इस घर को खरीदा था। जिसकी अब कीमत 50 लाख रुपये के आसपास है। गय्यूर इस मकान पर कब्जा करना चाहता था। जिसको लेकर आबिद ने कुछ शर्तें रखी थी। गय्यूर ने इन्हें पूरा नहीं किया और आबिद ने कब्जा नहीं छोड़ा। जिसको लेकर दोनों में तकरार हो गई।

पुलिस का कहना है कि लोगों में चर्चा है कि इस बवाल में विधायक का बेटा भी शामिल था। लेकिन मौके से वह फरार हो गया। लोगों ने बताया विधायक के बेटे और भतीजे ने अपने साथियों के  साथ ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। एसओ लिसाड़ीगेट रवेंद्र यादव ने बताया कि लोगों ने विधायक के बेटे को शामिल होना जरूर बताया था, लेकिन मौके वह पुलिस को नहीं मिला।

गय्यूर सपा विधायक गुलाम मोहम्मद का भतीजा है और साढू़ भी है। आरोपी राशिद भी विधायक का साला बताया जा रहा है। गय्यूर और राशिद समेत आरोपियों को छुड़ाने के लिये सियासी खेल चला। सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह और विधायक प्रभु दयाल वाल्मीकि समेत कई सपाई एसएसपी से मिले। बंद कमरे में आधा घंटे बातचीत करने के बाद वापस लौट गए। हालांकि सपा जिलाध्यक्ष और विधायक ने कहा कि सपा कार्यालय में दो दिन जनता दरबार लगेगा। इस बारे में वे एसएसपी से चर्चा करने आए थे।

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