दिल्ली-पंजाब के बाद राजस्थान में AAP की धमाकेदार जीत के साथ एंट्री, ABVP का बुरा हाल
जयपुर : दिल्ली और पंजाब के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने राजस्थान में भी अपनी पकड़ बनानी शुरू कर दी है। आम आदमी पार्टी यहां लगातार अपनी नीतियों का चुनाव प्रचार कर रही है। जिसकी अब जमीनी हकीकत भी सामने आ रही है। पार्टी ने यहां अपने पहले ही चुनाव में धमाकेदार जीत के साथ एंट्री की है।
वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास को राजस्थान प्रभारी बनाने के बाद आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवल ने उन्हें सूबे की अहम जिम्मेदारी सौंपी थी, जिनकी अब जमीनी हकीकत भी सामने आ रही है। कुमार विश्वास ने राजस्थान जाते ही अपने जौहर दिखाने शुरू कर दिए हैं। क्योंकि राजस्थान छात्रसंघ चुनाव में आम आदमी पार्टी की धमाकेदार जीत के साथ एंट्री हुई है।
राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में आम आदमी पार्टी की छात्र विंग CYSS को ज़बरदस्त सफ़लता मिली है। सोमवार को चुनाव के परिणाम घोषित हुए जिसमें सोमवार शाम 6 बजे तक CYSS के 46 उम्मीदवार विभिन्न पदों पर चुनाव जीत चुके हैं, जिनमें 12 अध्यक्ष पद पर चुने गए हैं। इसके अलावा कई कॉलेजों में उपाध्यक्ष और महासचिव के पद CYSS के उम्मीदवार चुने गए। कई स्थानों पर गिनती देर शाम तक जारी थी और ट्रेंड को देखते हुए कुछ और सीटों पर CYSS के जीतने की संभावना नज़र आ रही थी।
राजस्थान छात्र युवा संघर्ष समिति के बैनर तले चुनाव में खड़े हुए बालाजी महाविद्यालय साधासर नोखा के चारों उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। यहां से सरस्वती अध्यक्ष पद, सुमित्रा उपाध्यक्ष पद, सरोज महासचिव पद, रामनिवास सयुक्त सचिव पद का चुनाव जीते हैं।
आम आदमी पार्टी के प्रभारी और वरिष्ठ आप नेता कुमार विश्वास ने बताया कि यह उत्साहवर्धक है और इस बड़ी जीत का श्रेय स्थानीय साथियों, दिल्ली से राजस्थान गए पर्यवेक्षकों और पार्टी के ज़मीनी कार्यकर्ताओं को जाता है।
विश्वास ने यह भी बताया कि छात्र राजनीति ही बड़ी राजनीति की शुरुआत है और यहीं से आम आदमी पार्टी की नींव राजस्थान में पड़ी है। यह अच्छा संकेत है। दिल्ली विश्वविद्यालय पर पार्टी के न लड़ने के निर्णय के प्रश्न पर विश्वास ने कहा कि यह दिल्ली प्रभारी के निर्णय का विषय है।
वहीं राजस्थान छात्र युवा संघर्ष समिति के सुनील चौधरी भी मोराका सरकारी कॉलेज में अध्यक्ष पद का चुनाव जीते, राजकीय कला महाविद्यालय कोटा से संयुक्त सचिव के उम्मीदवार दीपक शर्मा भी चुनाव जीत चुके है। दिल्ली से चांदनी चौक से विधायक अल्का लांबा की मानें तो राजस्थान में पार्टी के 12 अध्यक्ष पद, 8 पैनल, 35 उम्मीदवारों के साथ दो यूनिवर्सिटी के 50 से ज्यादा सीटों पर पार्टी ने जीत हासिल की है। दूसरी तरफ अजमेर भागवंत यूनिवर्सिटी के रामलाल घाकड़ ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया है।