आज भी कांग्रेस को जरुरत है जयपुर में महेश जोशी की!

Update: 2017-03-29 09:53 GMT
महेश जोशी (फाइल फोटो)
राजस्थान की कांग्रेस पार्टी में महेश जोशी ऐसा नाम है जो अपने नाम के साथ अपने काम के बल पर भी राजधानी में जाना जाता है। राजनीती में वैसे तो अनेक प्रतिद्वंदी होते हैं जो व्यक्ति के प्रभाव के आभा मंडल पर हमेशा ग्रहण लगाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। अनेक विवादों में इस प्रकार के लोग जबरन जयपुर में महेश जोशी को भी घसीटते रहते हैं।  अनेक विवादों के पीछा करने के बाद भी जयपुर की राजनीती में महेश जोशी की स्वीकार्यता से कोई भी इनकार करने का साहस नही कर पाता है। 

महेश जोशी की राजनैतिक कर्म स्थली जयपुर शहर रही है यही पर उन्होंने अध्ययन करके अपनी छात्र राजनीती की शुरुआत की है। राजस्थान विश्व विद्यालय छात्र संघ के वर्ष 1979 में महेश जोशी अध्यक्ष बने तब से आज तक जयपुर शहर में उनकी राजनीती का सफ़र जारी है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सेवादल के वर्ष 1988 से 91 तक महेश जोशी अध्यक्ष रहे है। वर्ष 1992 से 1994 तक वे राष्ट्रीय कांग्रेस सेवादल के संगठन मंत्री भी रहे है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व प्रचार मंत्री भी रहे है। समाज में आज की राजनीती का स्वरुप समाज को विखंडित करने के लिए ज्यादा जाना जा रहा है। जयपुर शहर में आज भी महेश जोशी के घर सभी समाज के लोगो की भीड़ नजर आती है यह दृश्य कांग्रेस पार्टी के साथ देश की अनेकता में एकता का प्रतीक है। राजनीती में चुनाव हारजीत का सिलसिला चलता रहता है।

जयपुर में महेश जोशी को चुनाव हारने के बाद भी जनता उनके अविस्मरणीय कार्यो के बल पर पहचानती है। जयपुर सांसद के रूप में महेश जोशी के किये कार्य आज भी प्रदेश की राजधानी के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे है। जयपुर शहर में चलने वाली मेट्रो रेल,घाट की गूणी आगरा रोड पर बनी टनल योजना, गूजर की थडी अन्डर पास योजना अपने आप में बेमिसाल है। अपने संसदीय कार्यकाल में जयपुर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प करने का काम भी महेश जोशी ने ही किया है। जयपुर शहर से चालीस नई रेल सेवा का शुरू करके रेलवे स्टेशन पर एस के लेटर सुविधा इन के कार्यकाल की ही देन है। सांसद कोष से राजधानी में बच्चो की जे.के. लोन अस्पताल को सेंटर एयर कुल्ड कराया जो देश में बच्चो के अस्पताल की सूची में प्रथम कार्य है। जयपुर शहर की बढती आबादी की प्यास बुझाने के लिए बीसलपुर से पानी लाने की योजना बनाकर जयपुर के उपनगरीय क्षेत्रो झोटवाड़ा, मुरलीपुरा, विश्वकर्मा तक शुद्ध पेय जल पहुँचाया।

जयपुर सवाई मान सिंह चिकित्सालय में 500 बेड का नया भवन बनाकर तैयार कराया एवं बढती जरुरत के मध्यनजर 2000 बेड की योजना स्वीकृत करवा कर उसका काम शुरू कराया गया। जयपुर में पासपोर्ट केंद्र शुरू करवाया। अपनी मेहनत और लगन के बल पर सामान्य परिवार से निकलकर महेश जोशी ने अपने राजनैतिक सफ़र का यह मुकाम तय किया है तथा उनका यह सफ़र आज भी जारी है। कांग्रेस की केंद्र सरकार में राज्य के सांसदों की बात रखने के लिए प्रदेश के सांसदों ने सर्व सम्मती से महेश जोशी को प्रदेश सांसद दल का संयोजक चुना। देश में इण्डिया टुडे मीडिया ग्रुप के द्वारा कराए गये बेस्ट सांसदों के सर्वे में अपने काम करवाने के कारण महेश जोशी देश में 17वें. नम्बर माने गये। विधायक के रूप में वर्ष 1998-2003 वे चुनाव जीत कर राज्य सरकार के उप-मुख्य सचेतक बने। किशनपोल विधानसभा सीट से वे पहली बार विधायक का चुनाव जीते तब से लेकर आज तक जयपुर शहर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली की कांगेस पार्टी में ये जयपुर शहर की आवाज बन चुके है।

जयपुर के परम्परागत कांग्रेसी वोटरों में खासकर मुस्लिम समुदाय में आज भी महेश जोशी किसी भी सर्वकालीन राजनेता से ज्यादा लोकप्रिय हैं। राजनीती में निरंतर जोड़ना, गैरों को अपने काम से अपने व्यवहार से अपना बनाना, एक सदैव चलने वाली निरंतर प्रक्रिया है। दुर्भाग्य से आज देश की राजनीती में मुद्दों का अकालसा हो गया है। राजनेता मुद्दों से भटककर बेसर-पैर की धार्मिक उन्माद की उलजलूल हरकते कर रहे है। साधू संतो से राजनीती में आये नेताओं की वाणी काले नागों से ज्यादा विष वमन करने के लिए पहचानी जा रही है। शायद संयमित वाणी और संयमित व्यवहार करने वाले नेताओ का मिलना राजनीती में अब दूभर सा हो गया है।

जयपुर का सौभाग्य है कि महेश जोशी जैसा संयमित वाणी बोलने व संयमित व्यवहार करने वाला नेता उन्हें मिला है। जयपुर के लोक सभा चुनाव में जयपुर शहर के सम्पूर्ण कांग्रेसी के विधायक प्रत्याशी महेश जोशी के प्रताप से डरकर ही उन्हें हराने के लिए गठजोड़ करते है। सम्पूर्ण शहर को इस बात का पता होने के बाद भी अपनी पराजय पर महेश जोशी संयमित बने रहते है यही उनकी ताकत है जो उन्हें जनता के दिलो के समीप आज भी रखती है।
मो. हफीज, व्यूरो चीफ, राजस्थान

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