वसुंधरा राजे का सिरदर्द बने घनश्याम तिवाड़ी, अपने ही मंत्रियों को भेजा कानूनी नोटिस, जानिए क्यों

Ghanshyam Tiwari became headache of Vasundhara Raje;

Update: 2017-06-04 05:53 GMT
सांगानेर: राजस्थान में पूर्व मंत्री और सांगानेर विधायक घनश्याम तिवाड़ी के साथ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अदावत अब कोर्ट पहुंच गई है। तिवाड़ी ने राजे सरकार में मंत्री यूनुस खान और प्रभुलाल सैनी को कानूनी नोटिस भेजकर अपने बयानों के लिए माफी मांगने को कहा है।

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तिवाड़ी की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि खान और सैनी के लगाए आरोप पूरी तरह 'गलत, भ्रामक, सारहीन, मिथ्या और भ्रामक हैं।' तिवाड़ी के मुताबिक आरोपों का मकसद उनकी छवि को धूमिल करना है। नोटिस में कहा गया है कि दोनों मंत्री अगले सात दिनों में आरोपों का खंडन करें नहीं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

बता दे, कि पिछले महीने परिवहन मंत्री यूनुस खान और कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने एक साझा बयान जारी किया था। बयान में पूछा गया था कि तिवाड़ी के पास हजारों करोड़ की जायदाद कहां से आई? क्या सिरसी रोड जयपुर और सीकर में तिवाड़ी के लैंड बैंक उनकी पैतृक संपत्ति है? दोनों नेताओं ने सवाल उठाया था कि करीब 800 बीघा जमीन खरीदने के लिए तिवाड़ी के पास पैसे कहां से आए? इतना ही नहीं, दोनों नेताओं का कहना था कि तिवाड़ी कांग्रेस के कहने पर चल रहे हैं और प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ उनकी खुली बगावत से पार्टी का आम कार्यकर्ता आहत है।

घनश्याम तिवाड़ी राजस्थान में बीजेपी के सबसे सीनियर नेताओं में एक हैं। लेकिन वसुंधरा राजे ने उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी थी। इसके बाद से ही उन्होंने बगावती तेवर अपना रखे हैं। 7 मई को पार्टी ने उन्हें नोटिस भेजकर पूछा था कि वो पार्टी मीटिंगों में क्यों नहीं आ रहे हैं? जवाब में तिवाड़ी ने लिखा था कि उन्हें बार-बार अपमान झेलना पड़ा है और उन्हें पार्टी के भीतर ही कुछ लोगों से जान का खतरा है। तिवाड़ी ने आरोप लगाया था कि राजस्थान की सरकार 'चमचों का दरबार और माफिया का अड्डा' बन चुकी है।

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