पिंजौर के जटायु सेंटर से छोड़े गए दो गिद्ध, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री रहे मौजूद

Update: 2016-06-04 08:00 GMT
हरियाणा: पिंजौर स्थित जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र से शुक्रवार को दो गिद्धों को केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा के वनमंत्री राव नरबीर सिंह ने रिलीज किया।

पंद्रह वर्ष में पहली बार इन गिद्धों को पर्यावरण में स्वच्छंद विचरण के लिए रिलीज किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर एक वर्ष के दो गिद्धों की साफ्ट रिलीज की। उन्होंने इस मौके पर मध्य  प्रदेश से आई टीम को 10 गिद्ध भेंट किए। 
इसी के साथ मध्य प्रदेश के प्रजनन केंद्र में गिद्धों की संख्या 30 हो गई है।

एशिया के इस एकमात्र बड़े सेंटर के माध्यम से गिद्धों की प्रजाति को अगले दस वर्ष में दोबारा 4 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर एक गिद्ध के पैरों में रिंग बांधी और गिद्ध का नामकरण भी किया गया। इसका नाम जोध सिंह रखा गया। उन्होंने हरियाणा सरकार, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सेंटर व अन्य  एनजीओ को भी इस प्रयास को सफल बनाने के लिए बधाई दी।

मंत्री प्रकाश जावेडकर ने कहा कि केंद्र सरकार लुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिए सख्त कानून  बना रही है। उन्होंने बताया कि जंगल का क्षेत्र 20 फीसदी से 33 फीसदी करने का टारगेट है।

हरियाणा के मांगन बणी क्षेत्र की वन भूमि को बचाने के लिए सरकार ने कड़े नियम लागू किए है।मोरनी में हर्बल  फारेस्ट का प्रारूप तैयार कर लिया गया है ओर इसे बनाने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पांच जून को पर्यावरण दिवस का थीम वन्य जीवों का संरक्षण विषय पर है। सरकार 42 करोड़ के फंड में से कुछ राशि लुप्त हो रही प्रजातियों को बचाने के लिए खर्च करेगी। अन्य लुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिए अनुसंधान केंद्र खोले जा रहे हैं।

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