इस वजह से कांग्रेस राजस्थान में नहीं घोषित करेगी CM पद का उम्मीदवार
राजस्थान में हाल ही में लोकसभा की दो अजमेर-अलवर और विधानसभा मंडलगढ़ में हुए विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं।;
जयपुर : राजस्थान में हाल ही में लोकसभा की दो अजमेर-अलवर और विधानसभा मंडलगढ़ में हुए विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं। राज्य के नेताओं को लगता है कि राहुल गांधी को लेकर देश में जो माहौल बना है, उसी जज्बे से कांग्रेस चुनाव में उतरेगी।
उनको यकीन है कि इस साल के आखिरी में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत निश्चित है। जिसका असर 2019 के लोकसभा चुनाव में भी जरूर पड़ेगा। इसलिए गुटबाजी और असंतोष से बचने के लिए राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बिना CM पद के उम्मीदवार के उतरेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आवास पर बृहस्पतिवार को हुई राजस्थान के मसले पर अहम बैठक में ये साफ हो गया कि पार्टी किसी नेता को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश नहीं करेगी। और सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी।
इसी बीच कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव में किसी को भी मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी राज्यों के विधानसभा चुनाव प्राय: सामूहिक नेतृत्व में ही लड़ती है और राजस्थान इसका अपवाद नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सचिन पायलट भी मौजूद थे। इसके साथ ही पांडेय ने यह साफ किया कि इस बैठक में राजस्थान में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कोई भी चर्चा नहीं हुई है।
आपको बता दें राजस्थान विधानसभा चुनाव इसी साल निर्धारित हैं। कांग्रेस में राजस्थान के नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी और जितेंद्र सिंह मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं।