बड़ी खबर: आनंदपाल का एनकाउंटर करने वाली पुलिस पर होगी एफआईआर? सुनवाई शनिवार को

Update: 2017-12-22 05:29 GMT

राजस्थान के बहुचर्चित आनंदपाल का एनकाउंटर में राजस्थान पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर कोर्ट में 23 दिसंबर को सुनवाई होगी. इस मामला को चूरू जिला एवं सेशन कोर्ट में हुआ सुना जा रहा था. जहाँ शनिवार को यह निर्णय सुनाया जाएगा. 


गैंगस्टर आन्नदपाल सिंह एनकाउन्टर मामले में मंगलवार को चूरू जिला एवं सेशन कोर्ट में बहस हुई थी. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने 23 दिसम्बर की तारीख फैसले के लिए मुकर्रर की. अब 23 दिसम्बर को इस बहुचर्चित मामले में फैसला आएगा.

कोर्ट में हुई बहस के दौरान मृतक आन्नदपाल की पत्नी राजकंवर द्वारा रतनगढ़ थाने में दिए गए परिवाद पर एफआईआर दर्ज करने को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें पेश की गई. राज्य सरकार की तरफ से अधिवक्ता अभिषेक पाराशर ने एनकाउन्टर के बाद रतनगढ़ थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 190 का हवाला देते हुए कहा कि जब पहले से ही एफआईआर दर्ज है तो दूसरी एफआईआर दर्ज करने का कोई ओचित्य नहीं रह जाता. क्योंकि इसी एफआईआर में कोज ऑफ डेथ का भी तथ्य दिया गया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में अनुसंधान किया जा रहा है.

इधर, मृतक आन्नदपाल की पत्नी राजकंवर की तरफ से अधिवक्ता महेश प्रताप सिंह राठौड़ ने अपनी दलील पेश की. उन्होंने बाबूभाई बनाम स्टेट ऑफ गुजरात, मुथुलक्ष्मी बनाम स्टेट ऑफ तमिलनाडु, शिव प्रसाद सोनी बनाम स्टेट ऑफ़ मध्य प्रदेश, साकिर वासु बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश, पीयूसीएल बनाम महाराष्ट्र राज्य, ललिता कुमारी बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश, कुसुम राठौड़ बनाम स्टेट ऑफ़ मध्य प्रदेश के निर्णय का हवाला देते हुए किसी मामले पर दूसरी एफआईआर दर्ज करने की बात कही.


इस सम्बन्ध राज्य सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अभिषेक पारासर का कहना है कि हमने अनुसंधान विषय में कोर्ट को संतुष्ट कर दिया है. माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुरुप ही हम कार्रवाई कर रहे हैं. 190/17 एफआईआर भी उन्हीं निर्देशों के अंतर्गत दर्ज हुई है.

राजकंवर के वकील महेशप्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार को बहस पूरी हुई है. हमें जो ऐतराज था कि हमने जो रतनगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज करने का प्रार्थना पत्र दिया था. उस पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. हमें उम्मीद है कि हमने जो तथ्य कोर्ट के सामने रखे उसके अनुरूप उन पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज होगी जिन्होंने आनंदपाल का फर्जी एनकाउंटर किया था.

आपको बता दें कि सितम्बर 2015 को परबतसर में पेशी के दौरान आनंदपाल पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था. इसके बाद राजस्थान पुलिस की नाक में दम कर चुके पांच लाख के ईनामी अपराधी आन्नदपाल सिंह को जून 2017 की रात में चूरू जिले के मालासर गांव में रिटायर्ड सुबेदार मालू सिंह के घर में एनकाउन्टर कर दिया गया था. गोलीबारी में एसपी चूरू के गनमेन समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. मृतक आन्नदपाल के पास से दो एके 47, 133 राउंड जिन्दा, 3 मैगजीन, और 1 राइफल पाई गई. उसके शरीर के उपरी हिस्से में पेट, गर्दन, हाथ पर गोलियां लगी थीं.

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