रंग लाये देश में मीडिया भाजपा के प्रयास, पैदा हुआ भगवा अलबगदादी !

Update: 2017-12-21 14:19 GMT

मो हफीज व्यूरो चीफ राजस्थान 

भारतीय समाज में सदेव दोहरे जीने के मापदंड एवं आचरण रहे है I देश में चाहे मुगलों की सत्ता रही हो या फिर गोरे अंग्रेजो का शासन हर समय इस देश में मुगलों कोचुनोती देने वाले और मुगलों से रिश्तेदारियां करने वाले दोनों प्रकार के लोग भारतीय समाज में रहे हैI दुर्भाग्य से देश में इस समय भाजपा के शासन में सुविधा भोगी भांड मीडिया का अवतरण भी इसी शासन की देन है जो दिन रात अपना गला फाड़कर भाजपा के नफरत के एजेंडे का प्रचार प्रसार करने में सारी सीमाएँ लांघ चुका हैI


देश की आजादी के पश्चात गोरे अंग्रेजो के शासन की नीति फूट डालो और राज करो को भाजपा संघ के लोगो ने हाथो थाम लिया हैI साथ ही संघ का पाला हुआ नफरत के सौदागरों के भेष में देश मे पहला आतंकवादी पैदा करने का सौभाग्य संघियों को प्राप्त है I देश में नफरतो का ज्वार फैलाने वाले हिन्दू-मुस्लिम नफ़रत के सौदागर बने नेताओ के कारण भारतीय उपमहाद्वीप के हुए बंटवारे ने लाखो लोगो को मौत के घाट उतार कर करोडो लोगो को बेघर कर दिया था I 70 वर्ष की आजादी के समय में आज भी देश के नेता वही ऐतिहासिक भूल करने जा रहे है जो तत्कालीन पराधीन भारत के नेताओ ने की थीI


पराधीन भारत वर्ष के नेताओ के सत्ता प्राप्त करने के उतावलेपन की लालसा के कारण भारत के तत्कालीन नेता बंटवारें से होने वाले भारी रक्तपात, बड़ी आबादी के पलायन के दुखदायी पहलु को लगभग भूल चुके है थे I अंग्रेजी हुकुमत के बंटवारे के फार्मूले को मानकर सहमत होने वाले नेताओ को आज तक संघ परिवार बंटवारें का दोषी मानकर उन्हें भला बुरा कहता है I अंग्रेजो के जाने के बाद आज तक संघ के लोगो ने अपनी नफरत की राजनीती धर्म का विवादित एजेण्डे को देश में चलाने में अपनी सम्पूर्ण उर्जा खर्च की हैI इस कारण दंगो में देश की सम्पतियों और देश के निर्दोष लोगो को मोत के घाट उतारने के घिनोने खेल हर समय देश में खेले जाते हैI


मजेदार बात यह है कि विश्व भर में इस्लामी आतंक को आधार बनाकर संघ के लोग उसकी कड़ी भर्त्सना करते है, परन्तु ये कभी भी अपने कुकर्मो पर नजर नही डालते हैI वैसे देश में नफरत के एजेंडे को समय समय पर देश के कांग्रेसी भी चलाते रहे है I पंजाब में अकाली दल के धार्मिक एजेंडे को रोकने के लिए ही स्वर्गीय इन्दिरा गांधी ने पंजाब में संत जनरेल सिंह भिण्डरावाला को खड़ा किया था I भिंडरावाले की धर्म आधारित राजनीती धीरे धीरे धार्मिक कट्टरता के कारण फिर पंजाब प्रांत को देश से अलग करने की मांग के साथ अलगाववाद की मांग की बनकर उभरी I देश के पंजाब राज्य में फैले आतंक के कारण ओपरेशन ब्लू स्टार तक की नोबत आ गयी है I फिर एक दिन पंजाब में राजनैतिक स्वार्थ केलिए आतंक का पोषण करने वाली इंदिरा गांधी की हत्या का कारण भी पंजाब का धार्मिक उन्माद ही बना I


इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद चुन चुन कर समूचे उत्तर भारत राज्यों में देश के धार्मिक अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लोगो का नरसंघार किया गया I इसके पीछे तथा कथित संघीयों का कांग्रेसी करण करने वाले सत्तारुढ कांग्रेस के नेताओ का हाथ था I इन घटनाओ के कारण आज भी देश के नेता कुछ इनसे सीखने को तैयार नही है I कुर्सी के भूखे नेताओ के मन में देश के बेगुनाह देशवासियों की लाशो पर अपना सिहांसन सजाकर राजतिलक करने के आरोप लगते रहते है I


वर्ष 2002 के दंगो की पटकथा में गुजरात राज्य से लेकर देश की राजधानी की सरकार बनाने की योजना बनाई गईI दुर्भाग्य से वर्ष 1989 में राम मंदिर के लिए रथयात्रा निकालकर देश में दंगो का बाजार गर्म करने वाले लालकृष्ण आडवानी के कारण भाजपा दो सांसदों से बढ़कर दिल्ली की सरकार तक पहुंचीI बेगुनाहों के बहने वाले खून के प्रभाव ने शायद लालकृष्ण आडवानी को देश की वर्तमान राजनीती में अप्रसांगिक कर दिया हैI लालकृष्ण आडवानी के ही चेले नरेन्द्र मोदी के शासन में ही आडवानी अपना महत्त्व खो चुके हैI इसे शायद परमात्मा की मर्जी मानकर चलाना चाहिए I आडवानी के रुप मे धार्मिक उन्माद फैलाकर सत्ता का स्वाद चखने वाले संघ परिवार को भी अपने विवादित धार्मिक एजेंडे को आगे बढाने के लिए नरेन्द्र मोदी जैसे कट्टर छवि वाले नेता के रूप में नया हीरो मिल गया हैI देश में किस कदर धार्मिक अँधभक्तो फोज खड़ी है, जो कुछ भी सुनने को तैयार नही है I समय के साथ इनसे भी बड़ा दंगाई आने पर शायद नरेन्द्र मोदी भी आडवानी की तरह हांसीये पर चले जाएंगेI


राजस्थान राज्य के राजसमन्द जिले में एक मजदुर को काम दिलाने के बहाने खेत में लेजा कर मारने वाले शम्भू नाथ के रूप में भगवा अल बगदादी जैसा चेहरा संघ परिवार को मिल गया है I शम्भू नाथ का कृत्य देश में भगवा आतंक का जीता जागता उदहारण है I देश का निर्लज्ज मीडिया उसे भगवा आतंकवादी नहीं मानकर एक भटका हुआ आदमी मान रहा हैI शायद बहु संख्यक होने का दंभ भाजपा संघ समर्थित पत्रकारिता के दलालों को भी अब अपने विवेक का स्तेमाल करने से रोक रहा है I


उदयपुर शहर में अल बगदादी का भगवा संस्करण बने शम्भू नाथ के समर्थन में भगवा आतंकवादियों की टोली ने उदयपुर जिला जज कार्यालय पर भगवा झंडा फहरा दिया I सम्पूर्ण शहर पर भगवा गुंडों की फौज ने हिंसा का तांडव मचा कर पूरे शहर को बंधक बना लिया I पुलिस अफसरों पर प्राण घातक हमले किये गये, सत्ता का शीर्ष नेतृत्व नपुसंक बनकर भगवा गुंडों के सामने पुलिस बल को बल प्रयोग नही करने का आदेश देकर आत्म समर्पण कर चुका था I संघ भाजपा के निर्लज्ज नेतओ द्वारा लगाई नफरत की आग के कारण देश अब धर्म आधारित संख्या बल से प्रभावित होकर न्याय पालिका, संविधान कानून सबकी होली जलते देख रहा है I यदि धार्मिक संख्या बल अथवा बहुसंख्यक होने का अहंकार यूंही कानून के शासन पर भारी पड़ने लगेगा तो फिर पंजाब में संत भिंडरवाले की विचारधारा के साथ बंटवारे का समर्थन करना साबित होगा I


पंजाब कश्मीर के साथ ईसाई बहुल उत्तर पूर्वी राज्यों की बहुसंख्यक जनता यदि धर्म संख्या की अधिकता को मानकर कोई मनमानी करने लगेगी तो उसे रोकने का नैतिक साहस भारत की केंद्र सरकार में बैठे नेताओ को शायद ही होगा I धार्मिक कट्टरता के कारण ही कश्मीर के लोगो में और देश के हिन्दुओ में असुरक्षा का भाव बढ़ रहा है I देश को भाजपा संघ की नीतियाँ एक बार फिर नए विभाजन की ओर धकेल रही है I समाज के अल्प संख्यक वर्गों के साथ देश के दलित समाज के वर्गों के लिए यह समान रूप से खतरे की घंटी है I यह बात पूर्ण रूप से सत्य है कि जहाँ कही मुस्लिम समाज की संख्या अधिक है वहां पर संघ द्वारा पाला-पोसा हिंदुत्व दलित वर्ग की सामाजिक चेतना को शून्य बनाने के लिए उनका स्तेमाल मुस्लिमो के विरुद्ध करता है I इसी प्रकार जहाँ दलित समाज की संख्या भाजपा के हिंदुत्व को चुनोती देता है वहां पर ये दलितों का नरसंहार करने से नही चूकते है I


भारतीय समाज में संघ द्वारा ब्राह्मणवाद को आगे रखकर समाज की सामूहिक चेतना को समाप्त करके देश की उत्पादकता को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है I देश में बड़ी चतुराई से अब देश के किसानो की आत्महत्याओं के साथ देश की बड़ी आबादी की रोजन्दारी से जुड़े मुद्दों के भुलाने के लिए संघ के समर्थक मीडिया का भरपूर उपयोग इन दिनों हो रहा है I मुग़ल शासन को जिसे संघी गुलामी का प्रतीक मानते है, उनके शासन में देश की जनता की सांस्कृतिक, धार्मिक, सामूहिक चेतना को मुगलों ने भी नष्ट नही किया था I अकबर बादशाह के समय में ही महाराणा प्रताप सरीखे अकबर के विरोधी भी देश में फल फूलते थे I इसी प्रकार शिवाजी महाराज भी धार्मिक रूप से कट्टर माने जाने वाले औरंगजेब बादशाह के समय में ही मुग़ल शासन का विरोध करनेकी ताकत रखते थे I


इसके विपरीत आज केंद्र की भाजपा के शासन में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर रावण के कारण उभरी दलितों की समूहिक चेतना को भाजपा की यूपी सरकार झूठे मुक़दमे, राशुका लगाकर समाप्त कर रही है I यदि उदयपुर शहर की अदालत के ऊपर भगवा झंडा फहराने वाले या अल्पसंख्यक वर्ग के होते तो मनुवादी वैशाली की नगर वधु बनी बिकाऊ मीडिया अब तक आसमान उठा लेता I चीख चीखकर महिला पुरुष पत्रकारों के मेकअप लगे चेहरे अब तक कितने आरोप प्रत्यारोप, पाकिस्तानी आई. एस. आई. कनेक्शन ढूंढ लाते I यहाँ मामला अपनो का था इस कारण सम्पूर्ण भाजपा की राज्य सरकार से लेकर मिडिया तक में ख़ामोशी के साथ समर्पण का भाव दिख रहा है I


भारत राष्ट्र में आज संघ भाजपा की नीतियाँ भावनात्मक रूप से दिलो के अन्दर नफरत भरने का काम कर रही है I दिल बटने के बाद ही एक ही छत के नीचे घर में रहने वाले भाईयों के घर के रास्ते अलग हो जाते है I दिलो की बढती दूरियां परिवार में अलगाव का कारण बनती है, जो फिर एक दिन बंटवारे के लिए भी तत्पर हो जाती है, चाहे इसकी कीमत कितनी ही क्यों न चुकानी पड़े I जहाँ नफरत होती है वहां का शांति सद्भाव दांव पर लग जाता है I शायद स्वतंत्र भारत में आज संघ भाजपा के लोग यही कर रहे है I    

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