कोटा में बच्चों की मौत का आंकड़ा पहुंचा 107, स्पीकर ओम बिरला पीड़ित परिवार से मिले

Update: 2020-01-04 08:46 GMT

कोटा। राजस्थान के कोटा में जेके लोन अस्पताल में नवजात बच्चों के मौत का सिलसीला थमने का नाम नही ले रहा है। अब मरने वालों की संख्या बढ़कर 107 हो गई है भाजपा ने कोटा में शिशुओं की मौत पर नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस्तीफे की मांग की।

भाजपा ने अपने कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर स्थिति का जायजा लेने के लिए इस सप्ताह अपने सांसदों की तीन सदस्यीय समिति को कोटा अस्पताल भेजा. लोकसभा अध्यक्ष और कोटा के सांसद ओम बिरला जेके लोन अस्पताल में मरे शिशुओं में से एक के परिवार के सदस्यों से मिले हैं।

गौरतलब है कि गत 16 दिसंबर को रुखसार बानो नाम की महिला ने बच्ची को जन्म दिया था. बानो ने अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उसकी बच्ची की मौत अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही से हुई. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ओम विरला ने रुखसार बानो को आर्थिक सहायता के बतौर कुछ रुपये दिए।

सेंटर से एक मेडिकल कमिटी आज जांच के लिए कोटा स्थित हॉस्पिटल गई है. जेके लोन अस्पताल का दौरा करने वाली समिति ने दावा किया कि प्रशासनिक शिथिलता थी और सीएम अशोक गहलोत और स्वास्थ्य मंत्री को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कोटा आने के लिए कहा.

कई बच्चों के परिवार के सदस्यों ने पहले अस्पताल में गंभीर स्थिति, स्टाफ की गंभीर कमी, चिकित्सा उपकरणों की कमी और कुछ मामलों में समय पर ढंग से जवाब नहीं देने का दावा किया था. वहीं अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिसंबर की शुरुआत से कोटा के एक सरकारी अस्पताल में 100 से अधिक शिशुओं की मौत पर राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है.

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री, रघु शर्मा ने भी, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर शिशुओं की मृत्यु के लिए दोष को स्थानांतरित करने की मांग की. शर्मा ने सुझाव दिया कि भाजपा सरकार के सत्ता में रहने से पहले कांग्रेस की सरकार ने अस्पताल में बेड बढ़ाने की मंजूरी दी थी, लेकिन राजे सरकार के सत्ता में आने के बाद भी ऐसा नहीं हुआ. राजस्थान के बुंदी जिले में भी एक महीने के भीतर 10 नवजातों की मौत हो चुकी है.

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