दिलजला आशिक जो बन गया IAS, जानिए कौन है वो शख्स जिसका दिल टूटा और वो IAS बन गया, कर चुका है वेबसीरीज में काम

IAS अभिषेक सिंह वेबसीरीज 'दिल्ली क्राइम 2' और 'दिल तोड़ के हंसती हो मेरा' जैसे सुपरहिट गाने में भी अभिनय कर चुके हैं।;

Update: 2023-04-11 11:00 GMT

दिल टूटने पर कोई मजनू बन जाता है तो कोई रांझा, कोई फरहाद बन जाता है तो कोई पागल, लेकिन आज हम एक ऐसे शख्स की बात कर रहे हैं जिसका दिल टूटा और वो बन गया एक IAS आफिसर।

जी हां, हम बात कर रहे हैं देश के चर्चित आईएएस आफिसर अभिषेक सिंह की, समय-समय पर अभिषेक सिंह अपनी जीवन शैली और गतिविधियों की वजह से सुर्खियां बटोरते रहते हैं।

प्यार में मिला धोखा तो बन गए आईएएस

अभिषेक सिंह एक लड़की से बेइंतहा प्यार करते थे, जब वह लड़की अभिषेक को छोड़कर चली गई तो वह बिल्कुल टूट गए थे और आत्महत्या करने की सोच लिए थे फिर दोस्तों के समझाने पर वह आत्महत्या का विचार छोड़ दिए और जमकर UPSC की तैयारी करने लगे और 2011 में IAS बन गए।

वेबसीरीज और कई गानों में कर चुके हैं काम

बी प्रैंक के गाए गाने "दिल तोड़ के हंसती हो मेरा" में अभिषेक सिंह ने बेहतरीन अभिनय किया है तो जुबिन नौटियाल के गाए हुए गाने "तुझे भूलना तो चाहा" में शानदार अभिनय करके सुर्खियों में आ गए अभिषेक सिंह। नेटफ्लिक्स की वेबसीरीज, "दिल्ली क्राइम 2" में भी अभिषेक सिंह ने एक्टिंग किया है।

पत्नी, दुर्गाशक्ति नागपाल भी हैं IAS आफिसर

IAS अभिषेक सिंह की पत्नी दुर्गाशक्ति नागपाल भी एक IAS अधिकारी हैं और अपने कामों की वजह से हमेशा चर्चा में रहती हैं। सपा सरकार के समय में कानपुर में खनन माफियाओ के खिलाफ अभियान चलाने की वजह से निलंबन की कार्यवाही झेल चुकी दुर्गाशक्ति नागपाल की गिनती उत्तर प्रदेश के तेज तर्रार अधिकारियों में होती है।

परिवार में कई लोग हैं अधिकारी

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले IAS अभिषेक सिंह के परिवार में भी कई लोग अधिकारी हैं। इनके पिता एक IPS अधिकारी रह चुके हैं तो चाचा डिप्टी एसपी इनकी बहन डॉक्टर हैं तो भाई इंजीनियर, इनके ससुर भी भारतीय सांख्यिकी सेवा में अधिकारी रह चुके हैं तो परिवार के कई चचेरे भाई भी नौकरी में हैं।

विवादों से रहा है नाता

अभिषेक सिंह अपनी जीवन शैली और गतिविधियों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं, जिसकी वजह से इनको काफी विवाद भी झेलना पड़ा है। कई साल पहले एक दलित शिक्षक को कान पकड़कर उठक-बैठक कराने के आरोप में तत्कालीन सपा सरकार ने इनको निलंबित कर दिया था तो अभी पिछले साल हुए गुजरात चुनाव में अभिषेक को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था तो वहां एक फोटो को लेकर चुनाव आयोग इनसे नाराज हो गया और इनको हटा दिया। अभिषेक को वापस आकर अपने मूल काडर राज्य (उत्तर प्रदेश) में ज्वाइनिंग करनी थी लेकिन वे बिना बताए गायब हो गए, जिससे नाराज होकर यूपी सरकार ने इनको निलंबित कर दिया है।

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