नई दिल्ली : तकरीबन 20 साल तक टीम इंडिया की ओर से क्रिकेट खेलने वाले 38 साल के आशिष नेहरा आज इंटरनेशनल क्रिकेट के संन्यास लेने जा रहे हैं।दरअसल आज दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज का पहला मैच खेला जाना है और ये मैच आशीष नेहरा के इंटरनेशलन क्रिकेट का विदाई मैच भी है।
भारत अभी तक न्यूजीलैंड के खिलाफ एक भी टी20 मैच नहीं जीत पाया है। इसलिए विराट कोहली के जांबाज इस मैच को जीतकर इतिहास रचने मैदान में उतरेंगे। 38 वर्षीय तेज गेंदबाज नेहरा का यह विदाई मैच है और टीम इंडिया जीत के रूप में उन्हें विदाई का तोहफा देना चाहेगी।
नेहरा ने 1999 से टेस्ट और 2001 में वनडे में भारत की ओर से अपने करियर की शुरुआत की थी। अपने 18 साल के करियर में नेहरा ने 17 टेस्ट में 44 विकेट, 120 वनडे में 157 विकेट और 26 T20 में 34 विकेट लिए।
अपने पूरे करियर के दौरान बाएं हाथ के क्लासिकल तेज़ गेंदबाज़ नेहरा अपने गेंद की रफ्तार, सटीकता और लाइन और लेंथ में बदलाव से बल्लेबाज़ को चकमा देते रहे। ऑफ़ साइड के बाहर जाती उनकी गेंद और उनका लेट इनस्विंगर बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें पैदा करता रहा। लेकिन इंज्यूरी उन्हें पूरे करियर के दौरान परेशान करता रहा।
संन्यास के बाद भी आशिष नेहरा क्रिकेट से जुड़े रहेंगे। वो पिछड़े इलाकों में बच्चों को क्रिकेट का गुर सिखाएंगे। जहीर खान के साथ नेहरा बुंदेलखंड में इसकी शुरुआत भी कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि संन्यास के बाद नेहरा क्रिकेट अकादमी पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
नेहरा के लिए 2009 उनके लिए बड़ा साल साबित हुआ। उन्होंने 21 वनडे मैचों में 5.92 के इकॉनमी से 31 विकेट लिए। उसके अगले साल उन्होंने 20 मैचों में 28 विकेट चटकाए। इसके बाद उन्हें 2011 वर्ल्ड कप की टीम में शामिल कर लिया गया। पाकिस्तान के खिलाफ़ जीत में उनकी बड़ी भूमिका रही। लेकिन एक बार फिर शरीर ने उनका साथ छोड़ दिया। वे वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में भी नहीं खेल पाए थे।
4 साल के अंतराल पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नेहरा की वापसी हुई। इस बार क्रिकेट के सबसे छोटे फॉरमैट में। भारत पहली बार ऑस्ट्रेलिया में T20 सीरीज़ जीतने में कामयाब रहा। उसके बाद एशिया कप और फिर 2016 में आईसीसी वर्ल्ड T20 में भी नेहरा खेले।
आशीष नेहरा के करियर की सबसे यादगार मैच 2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ उनका जबरदस्त प्रदर्शन था। 2003 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका में खेले गए मैच में टीम इंडिया ने अपनी पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 250 रन बनाए। इस मैच को टीएम इंडिया के लिए हर हाल में जीतना जरूरी था। कप्तान गांगुली ने नेहरा को गेंद थमाई। नेहरा ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और 10 ओवर में सिर्फ 23 रन देकर 6 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इस मैच में गेंदबाजी के दौरान नेहरा को उल्टी भी आई थी। एक वक्त तो ऐसा लग रहा था कि आशीष अपना स्पैल खत्म नहीं कर पाएंगे, लेकिन उन्होंने मैदान पर ही कुछ केले खाए और टीम इंडिया को जीत दिलाई और भारत उस वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा था।
आशीष नेहरा मोहम्मद अजहरुद्दीन से लेकर टीम इंडिया के वर्तमान कप्तान विराट कोहली की कप्तानी में खेल चुके हैं। इनके अलावा नेहरा ने धोनी, द्रविड़, गंभीर, गांगुली और सहवाग की कप्तानी में भी टीम इंडिया की ओर से खेल चुके हैं। आपको बता दें कि आशीष नेहरा टीम इंडिया में इस समय सबसे उम्रदराज खिलाड़ी है और मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली से वह 10 साल बड़े है।
38 साल के नेहरा ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1999 से अपने सफर की शुरुआत की थी। वहीं 2001 में नेहरा ने अपना पहला वनडे मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था जिसमें उन्होंने 2 विकेट लिए थे। नेहरा ने टीम इंडिया को कई मैच अपनी गेंदबाजी के दम पर जिताए।