B'day Special: 'अनहोनी को होनी' करना धोनी से सीखें, ये हैं उनके रिकॉर्ड जो कोई नहीं तोड़ पाया - ऐसे हुई सफलताओं की बौछार

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज यानी 7 जुलाई को 38 साल के हो गए.;

Update: 2019-07-07 05:32 GMT

नई दिल्ली : टीम इंडिया के 'पोस्‍टर ब्‍वॉय' महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 38वां जन्‍मदिन मना रहे हैं। रांची में जन्‍में इस क्रिकेटर ने भारतीय क्रिकेट का चेहरा बदलकर रख दिया। धोनी ने बतौर कप्‍तान तो भारत को बुलंदियों पर पहुंचाया ही, साथ ही साथ उन्‍होंने एक खिलाड़ी के रूप में भी बड़े कमाल किए। यही वजह है कि उन्‍हें दुनिया के सर्वश्रेष्‍ठ मैच फिनिशर के रूप में जाना जाता है। माही के नाम से मशहूर एमएस धोनी ने मैदान पर अपने शांत व्‍यवहार से लोगों को दीवाना बना दिया। दबाव की स्थिति में कैसे शांत रहकर ऐसे फैसले लेना कि टीम जीते, यह कला सिर्फ धोनी में ही देखने को मिली।

बचपन

7 जुलाई, 1981 को रांची में पान सिंह के घर जन्में महेंद्र सिंह धोनी बचपन से ही खेल के मैदान की ओर आकर्षित रहते थे. उनके परिवार में माता-पिता के अलावा उनकी बहन जयंती और भाई नरेंद्र भी हैं.

टीटीई के रूप में वो कुछ साल

क्रिकेट का रंग उन पर चढ़ चुका था और वो चर्चा में भी आ चुके थे लेकिन समय करवट बदलने के साथ-साथ अनेक परीक्षाएं भी ले रहा था जिस दौरान 2001 से 2003 के बीच वो भारतीय रेल में टीटीई की नौकरी करते नजर आए. दोस्तों के मुताबिक वो ईमानदारी से नौकरी करते थे और कई बार खाली समय में खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर मस्ती करने से भी नहीं चूकते थे.

गाड़ियों व बाइक का शौक

महेंद्र सिंह धोनी मोटरबाइक्स के दीवाने हैं. उनके पास दो दर्जन लेटेस्ट मोटर बाइक मौजूद हैं. इसके अलावा उन्हें कारों का भी बड़ा शौक है. उनके पास हमर जैसी कई महंगी कारें हैं. इन के अलावा धोनी को मोटर रेसिंग से भी लगाव रहा है. उन्होंने मोटररेसिंग में माही रेसिंग टीम के नाम से एक टीम भी खरीदी हुई है.

साक्षी और जीवा का मिला साथ

करियर के शुरूआती दिनों में महेंद्र सिंह धोनी का नाम कई अभिनेत्रियों से जुड़ा था. लेकिन उन्होंने चार जुलाई 2010 को देहरादून की साक्षी रावत से शादी की. धोनी और साक्षी की एक बेटी भी है जिसका नाम जीवा है.

आईसीसी के तीनों ट्रॉफी के बॉस

महेंद्र सिंह धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने आईसीसी की तीनों बड़ी ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है. धोनी की कप्तानी में भारत आईसीसी की वर्ल्ड टी-20 (2007), क्रिकेट वर्ल्ड कप (2011) और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी (2013) का खिताब जीत चुका है.

कई क्रिकेट एक्‍सपर्ट्स कह चुके हैं कि आने वाले कई सालों तक दूसरा धोनी मिलना मुश्किल है। हालांकि, कुछ लोगों को इंग्‍लैंड के जोस बटलर में जरूर धोनी की छवि दिखी, लेकिन उन्‍होंने भी स्‍वीकार किया कि धोनी जैसा कोई और नहीं। विकेट के पीछे की फुर्ति हो या बड़े-बड़े छक्‍के लगाना, एमएस धोनी के धाकड़ प्रदर्शन को लंबे समय तक उनके फैंस नहीं भूल पाएंगे। धोनी ने वनडे क्रिकेट में तो कुछ ऐसे रिकॉर्ड्स स्‍थापित किए हैं, जिसे तोड़ पाना काफी मुश्किल है। तभी तो यह बात सच साबित होती है कि अनहोनी को होनी करते हैं धोनी।

चलिए उनके रिकॉर्ड्स पर नजर डालते हैं:

1) सबसे जल्‍दी नंबर-1 पर पहुंचने वाले बल्‍लेबाज बने - बांग्‍लादेश के खिलाफ निराशाजनक डेब्‍यू करने वाले एमएस धोनी ने पाकिस्‍तान के खिलाफ कुछ धमाकेदार पारियां खेलीं और टीम इंडिया में अपनी जगह पुख्‍ता की। धोनी आईसीसी वनडे बल्‍लेबाजों की रैंकिंग में सबसे जल्‍दी नंबर-1 बनने वाले बल्‍लेबाज बने। उन्‍होंने सिर्फ 42 मैच खेलकर ही शीर्ष स्‍थान हासिल किया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह सबसे तेज खिलाड़ी बने।

2) 9 मैचों में छक्‍के के साथ वनडे मैच खत्‍म करने वाले एकमात्र खिलाड़ी - एमएस धोनी को बड़े-बड़े छक्‍के लगाने के लिए जाना जाता है। उन्‍होंने इसे समय-समय पर बखूबी साबित किया और एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया। धोनी 9 मौकों पर छक्‍का जमाकर टीम को जीत दिलाने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं। वैसे, धोनी भारत के लिए सबसे ज्‍यादा छक्‍के जमाने के मामले में रोहित शर्मा के बाद दूसरे स्‍थान पर काबिज हैं।

3) वनडे में सबसे ज्‍यादा बार नॉटआउट रहने का रिकॉर्ड - महेंद्र सिंह धोनी को हमेशा से ही देखा गया कि वह खेल को अंत तक ले जाना पसंद करते हैं। धोनी ने ऐसे में कई चमत्‍कारिक प्रदर्शन करके टीम को जीत दिलाई हैं। यही कारण है कि धोनी को दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ मैच फिनिशर माना जाता है। धोनी अंत तक नॉटआउट रहकर टीम को जीत दिलाना जानते हैं। वह एक खास रिकॉर्ड के मालिक हैं। वनडे क्रिकेट में सबसे ज्‍यादा बार नॉटआउट रहने का रिकॉर्ड धोनी के नाम ही दर्ज है। वह 78 वनडे मैचों में नाबाद रहे।

4) नंबर-6 पर सबसे ज्‍यादा रन - एमएस धोनी ने कई क्रम पर बल्‍लेबाजी की है। मगर अधिकांश समय उन्‍होंने नंबर-6 बल्‍लेबाज की जिम्‍मेदारी निभाई। धोनी ने छठे नंबर पर बल्‍लेबाजी करते हुए 125 पारियों में 46.79 की औसत से 4024 रन बनाए, जो एक रिकॉर्ड है। विश्‍व क्रिकेट में किसी बल्‍लेबाज ने छठे क्रम पर बल्‍लेबाजी करते हुए इतने रन नहीं बनाए हैं।

5) नंबर-7 पर बल्‍लेबाजी करके जमाए सबसे ज्‍यादा शतक - महेंद्र सिंह धोनी ने तीसरे नंबर पर शानदार बल्‍लेबाजी की। मगर बाद में उन्‍होंने निचले क्रम को मजबूत करने की ठानी और अधिकांश छठे या सातवें क्रम पर बल्‍लेबाजी की। इतने नीचे आकर रन बनाना किसी भी बल्‍लेबाज के लिए आसान नहीं, लेकिन धोनी ने ऐसे में विश्‍व रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्‍होंने सातवें नंबर पर बल्‍लेबाजी करके दो शतक जमाए हैं। कोई और बल्‍लेबाज नंबर-7 पर बल्‍लेबाजी करते हुए दो शतक नहीं बना पाया।

तो इन रिकॉर्ड्स से साबित होता है न कि धोनी बेमिसाल हैं। उनका कोई सानी नहीं है। महेंद्र सिंह धोनी का जन्‍मदिन भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए बेहद विशेष है और फैंस चाहेंगे कि वह 2019 विश्‍व कप जीतने में सफल हो।

धोनी की उपलब्धियां

1 क्रिकेट वर्ल्ड कप (2011)

1 टी-20 वर्ल्ड कप (2007)

1 चैंपियंस ट्रॉफी (2013)

3 आईपीएल खिताब (2010, 2011, 2018)

2 चैंपियंस लीग टी-20 खिताब (2010, 2014)

10,723 वनडे रन+ विकेट के पीछे 443 शिकार

4,876 टेस्ट रन + विकेट के पीछे 294 शिकार

1,617 टी-20 इंटरनेशनल रन + विकेट के पीछे 91 शिकार

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