धोनी 'बलिदान बैज' विवाद में कूदे BJP सांसद गौतम गंभीर, ICC पर जमकर बरसे
गंभीर ने कहा कि आईसीसी का काम क्रिकेट चलाने का है ना कि दस्ताने और चिह्न देखने का.;
नई दिल्ली : महेंद्र सिंह धोनी के ग्लव्स विवाद में भारतीय जनता पार्टी के सांसद और टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर भी कूद पड़े हैं. इस मामले को लेकर उन्होंने आईसीसी को नसीहत दी है. गंभीर ने कहा कि आईसीसी का काम क्रिकेट चलाने का है ना कि दस्ताने और चिह्न देखने का.
गंभीर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बीसीसीआई ने इस मामले से पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया है. आईसीसी ने भी साफ कर दिया है कि धोनी को नियमों का पालन करना ही होगा. वह दस्तानों पर 'बलिदान बैज' को बनाए रखने की अनुमति नहीं दे सकती.
इस बीच 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे गौतम गंभीर ने एक टीवी चैनल से कहा, 'आईसीसी का काम क्रिकेट को सही तरीके से चलाना है, न कि यह देखना कि यह की किसने हाथ में क्या पहना है.' गंभीर ने आईसीसी को लताड़ लगाते हुए कहा कि बोर्ड को गेंदबाजों के लिए बेहतर परिस्थिति उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों के लिए अनूकुल पिचों का पक्ष नहीं लेना चाहिए. आगे उन्होंने कहा कि पूरे चिह्न के मुद्दे को अनावश्यक रूप से महत्व दिया जा रहा है.
सहवाग ने भी दी प्रतिक्रिया
सहवाग ने कहा, 'मैंने सारी उम्र बजरंगबलि का लॉकेट पहना है, लेकिन आजतक मुझसे किसी ने कुछ नहीं कहा. सचिन सांई बाबा का लॉकेट पहनते थे, उनको भी आज तक किसी ने नहीं रोका, क्योंकि वो आपकी श्रद्धा हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार आप कुछ भी कर सकते हैं, कभी कभार लॉकेट बाहर आ जाता था, तो मैं उसको अंदर कर लेता था.'
सहवाग ने कहा, कि 'एमएस धोनी इस लोगो को लगा सकते हैं, लेकिन इसके लिए धोनी को लिखित आदेश लेना पड़ेगा, जो धोनी ने नहीं लिया है, आदेश लेने के बाद वह बलिदान बैज को धारण कर सकते हैं. आईसीसी अपने नियमों के अनुसार बताएगा कि आप इस लोगो को कहां पर धारण कर सकते हैं. बैट पर या दस्तानों पर. मुझे नहीं लगता है कि आईसीसी ने इस मामले में कंट्रोवर्सी की है.'
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुए टीम इंडिया के पहले मुकाबले में धोनी बलिदान बैच के चिह्न वाले विकेटकीपिंग ग्लव्स के साथ खेल रहे थे. जिसके बाद यह विवाद उत्पन्न हो गया. यह एक भारतीय पैरा स्पेशल फोर्स का एक चिह्न है.
क्या कहता है आईसीसी का नियम
आईसीसी का जी-1 नियम कहता है कि मैदान पर कोई भी खिलाड़ी अपनी ड्रेस पर ऐसा कोई चिह्न इस्तेमाल नहीं कर सकता है, जिससे कोई धार्मिक, राजनीतिक या नस्लीय संदेश जाए या फिर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे.