कुंभ की नगरी प्रयागराज के नाम दर्ज हुआ एक और रिकार्ड, सीएम योगी ने कही बड़ी बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आठ घंटे के अंदर 66 हजार से अधिक पौधों का वितरण कर प्रयागराज के अधिकारियों ने सर्वाधिक पौध बांटने का रिकार्ड बनाया।

Update: 2019-08-10 05:30 GMT

प्रयागराज। उत्तरप्रदेश के प्रचीनतम तीर्थो में प्रयाग का नाम सबसे ऊपर आता है। यह आधुनिक समय में प्रयाराज के नाम से जाना जाता है। हमारे प्रातीनतम ग्रथों में इस धार्मिक नगरी के महत्व और महिमा का वर्णन किया गया है। इसे साधु संतों ने तीर्थों के राजा तीर्थराज की संज्ञा दी है। इन दिनों तीर्थराज प्रयाग खूब चर्चा में है। इसकी पहली वजह इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने की  दुसरी वजह तो वाले कुंभ मेले के कारण,चर्चा के कारण है। प्रयाग क्षेत्र को त्रिवेणी नाम से भी जाना जाता है, यह नाम बताता है कि यहां तीन नदियों का संगम है।

लेकिन तीर्थराज प्रयाग के नाम 9 अगस्त को एक और विश्व रिकार्ड दर्ज हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां खुद पौधारोपण करते हुए पांच ग्रामीण महिलाओं को सहजन के पौधे भी भेंट किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आठ घंटे के अंदर 66 हजार से अधिक पौधों का वितरण कर प्रयागराज के अधिकारियों ने सर्वाधिक पौध बांटने का रिकार्ड बनाया। मौके पर उपथित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के प्रतिनिधि स्वप्निल डांगरेकर ने इस कीर्तिमान को प्रयागराज के नाम दर्ज कर उसका प्रमाण पत्र भी तत्काल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दिया।

बतादें कि इससे पहले तीर्थराज प्रयाग ने कुम्भ मेले के दौरान तीन दिन में तीन विश्व रिकार्ड बनाया था। इनमें पहला कीर्तिमान एक साथ 500 से अधिक शटल बसों को चलाने को लेकर था, जो 28 फरवरी को सम्पन्न हुआ था। इससे पहले यह रिकार्ड 390 शटल बसें को एक साथ चलाने को लेकर यूएई के नाम दर्ज था। कुम्भ मेले में ही दूसरा विश्व रिकार्ड 01 मार्च को बना था जब मेला क्षेत्र के गंगा पंडाल में सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक 7664 लोगों ने दीवार पर हाथ की छाप छोड़कर नया कीर्तिमान बनाया था। इसके पूर्व यह रिकार्ड सियोल के नाम था जहां 4675 लोगों ने दीवार पर हाथ की छाप छोड़ी थी। 

इसी तरह 02 मार्च को प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से चार सेक्टरों में 10 हजार सफाई कर्मियों ने तीन मिनट तक लगातार सफाई कर नया विश्व रिकार्ड बनाया था। प्रयागराज में 15 जनवरी से चार मार्च तक इसी साल कुम्भ मेले का आयोजन था। तो 9 अगस्त को सर्वाधिक पौध बांटने का जो विश्व रिकार्ड प्रयागराज ने अपने नाम दर्ज कराया वह पहले महाराष्ट्र सरकार ने एक साथ 30 हजार पौध वितरण कर बनाया था। उप्र की योगी सरकार ने संगम नगरी से 66 हजार से अधिक पौधों का वितरण कर महाराष्ट्र सरकार के रिकार्ड को तोड़ दिया। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी के अलावा प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, इलाहाबाद की सांसद डॉक्टर रीता बहुगुणा जोशी, फूलपुर की सांसद केशरी देवी पटेल, कौशांबी सांसद विनोद सोनकर, महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के अलावा हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और छात्र मौजूद रहे।

पौधा रोपण को लेकर सीएम योगी ने कहा कि कुम्भ मेले में 24 करोड़ श्रद्धालुओं ने आकर संगम में डुगकी लगायी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में जो 24 करोड़ पौधों का रोपण हो रहा है, वह उन्हीं 24 करोड़ श्रद्धालुओं के नाम समर्पित है। इस मौके पर योगी ने घोषणा की कि अगले वर्ष उनकी सरकार प्रदेश में 25 करोड़ से अधिक पेड़ लगायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सौ वर्ष से अधिक पुराने पेड़ों को हेरिटेज वृक्ष घोषित किया जाएगा। प्रदेश भर में ऐसे पेड़ों को चिह्नित किया जा रहा है। उन्होंने देशी आम के पेड़ों को काटने पर पूरी तरह से रोक लगाने की भी बात कही।


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