भूखमरी से महिला की मौत प्रशासन का दावा, बीमारी को लेकर हुई मौत

महिला के पति का आरोप है कि कोटेदार ने उसकी पत्नी के बायोमेट्रिक मशीन पर फिंगरप्रिंट लिए बिना उसे राशन नहीं दिया। जिसके चलते पत्नी भूख से मर गई। वहीं इस घटना के बाद अफसरों में भी हड़कंप मचा हुआ है।;

Update: 2017-11-16 09:15 GMT

बरेली: प्रदेश के बरेली जिले में मानवता को शर्मसार करता एक मामला सामने आया है, जहां राशन नहीं मिलने पर एक महिला ने भूख की वजह से दम तोड़ दिया। वहीं महिला के पति का आरोप है कि कोटेदार ने उसकी पत्नी के बायोमेट्रिक मशीन पर फिंगरप्रिंट लिए बिना उसे राशन नहीं दिया। जिसके चलते पत्नी भूख से मर गई। वहीं इस घटना के बाद अफसरों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

इस पर डीएम राघवेद्र सिंह ने मामले की जांच के निर्देश दिए और बुधवार सुबह करीब नौ बजे एसडीएम मीरगंज राम अक्षयवर चौहान, जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी, पूर्ति निरीक्षक युगल किशोर, एआरओ रामेश्र्वर प्रसाद, लेखपाल गोपाल प्रसाद, थाना अध्यक्ष श्रीकान्त राय, चौकी इंचार्ज रामसिह सकीना के घर पहुंचे। उन्होने सकीना के पति इशहाक मुहम्मद, पड़ोसियो व कोटा डीलर को मौके पर बुलाकर पूछताछ की। नायब तहसीलदार और लेखपाल ने सभी के बयान लेकर जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी। डीएम ने इससे पहले मंगलवार रात को घटना की जानकारी पर नायब तहसील मीरगंज सत्यप्रकाश को मौके पर जाने के निर्देश दिए थे। वह रात मे करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचे। उधर सकीना के पति ने दूसरे दिन भी भूख से ही पत्नी की मौत होने की बात दोहराई।

यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक मोहल्ला भोले नगर निवासी इशहाक अहमद काफी गरीब है। वह एक मकान में पत्नी सकीना के साथ रहते थे। पति के बीमार होने की वजह से घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। सकीना ने घर के सभी जेवर बेचकर पति का इलाज कराया। सकीना घर में बचा हुआ राशन बीमार पति को खिलाती रही। धीरे-धीरे राशन खत्म होने लगा। कई दिनों तक खाना नहीं मिलने की वजह से सकीना बीमार हो गई।
क्या कहना है मृतका के पति का?
वहीं मृतका के पति का कहना है कि राशन के लिए पिछले कई दिनों से कोटेदार के पास चक्कर लगा रहे थे। कई बार कहने के बाद भी कोटेदार ने पत्नी को दुकान पर लाने की जिद की। उनके पति ने कोटेदार को बताया कि पत्नी की हालत ऐसी नहीं है कि उसे यहां तक लाया जा सके। उन्हें राशन की जरूरत है। यदि राशन मिल जाए तो मेहरबानी होगी।
खाना नहीं मिला तो पत्नी ने तोड़ा दम 
इस दौरान उन्होंने पत्नी की बीमारी का भी हवाला दिया, लेकिन राशन नहीं मिल सका। कोटेदार ने कह दिया कि बायोमीटिक मशीन में कार्ड धारक का फिंगरप्रिंट अनिवार्य है। जब तक उसमें अंगुली नहीं लगेगी, तब तक राशन नहीं मिलेगा। मेरी पत्नी की हालत ऐसी नहीं थी कि उसे दुकान पर ले जा सके। खाना नहीं मिला, तो पत्नी ने दम तोड़ दिया।
लोग भी करते थे मदद
सकीना झोपड़ी में रहती थीं और उनका बेटा दिल्ली में काम करता है। लोगों के मुताबिक मोहल्ले के लोग उनकी मदद करते थे। कभी-कभी जरूरत पड़ने पर उन्हें खाना भी खिला देते थे। मोहल्ले वाले खाना देना भूले तो सकीना की मौत हो गई। वहीं इस संबंध में एसडीएम का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है।

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