गाजियाबाद पुलिस की बड़ी सफलता, 10 किलो सोने की लूट का खुलासा, दो पुलिसकर्मी भी थे शामिल
दिल्ली पुलिस के एएसआई के घर से पुलिस को लूट का सोना और कार भी मिली है।;
गाजियाबाद : यूपी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुंबई की कंपनी 'यूनियन चैन्स एंड ज्वैलर्स' से 10 किलो सोना लूटे जाने के मामले में गाजियाबाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली पुलिस के दो एएसआई समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के एएसआई के घर से पुलिस को लूट का सोना और कार भी मिली है। जिसके जरिए वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपी एएसईआई गाजीपुर थाने और डीसीपी कार्यालय में तैनात हैं।
गाजियाबाद पुलिस ने एक आरोपित पुलिसकर्मी के दिल्ली स्थित सरकारी आवास से ढाई किलो सोना बरामद किया। इसके अलावा बाकि सभी से मिलाकर छह किलो सोना पुलिस ने रिकवर कर लिया है। जांच में गाजियाबाद क्राइम बांच, सिहानी गेट और इंदिरापुरम पुलिस लगी हुई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है, उच्च अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही सभी को रिमांड पर लेकर अन्य तथ्यों को भी जानने की कोशिश की जाएगी।
मेरठ के सर्राफ के दो कर्मचारियों ने दिल्ली पुलिस के एएसआइ सतेंद्र और ब्रह्मपाल को सूचना दी थी कि दो लोग काफी मात्रा में सोना लेकर मेरठ से निकले हैं। इस सूचना के बाद ही वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने दोनों कर्मचारियों के अलावा आरोपित दोनों पुलिसकर्मियों को भी गिरफ्तार कर लिया। सतेंद्र की तैनाती डिस्टिक लाइन (डीसीपी कार्यालय परिसर)और ब्रहम्पाल की तैनाती गाजीपुर थाने में है।
गाजियाबाद के एसएसपी वैभव कृष्ण व एडीजी प्रशांत कुमार ने हरसांव स्थित पुलिस लाइन में प्रेस कान्फेस करके बताया कि मामले में दिल्ली पुलिस के दो एएसआई सतेंद्र और ब्रह्मपाल, रवि और शेलेन्द को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शैलेन्द पिछले कई सालों से मेरठ में आनंद ज्वैलर्स के यहां पर काम कर रहा है। वो दिल्ली पुलिल के एएसआई सतेंद्र के संपर्क में था।
शैलेन्द ने सारी जानकारी मुहैया कराई। 10 साल पहले भी आरोपियों ने दिल्ली के एक व्यापारी से मेरठ से पीछा करके पुलिस की वर्दी में सोना लूटा था। इसके अलावा मोहननगर में कई साल पहले एक व्यापारी को रोडवेज बस से उताकर 20 लाख की लूट की थी। पुलिस की सफलता पर अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन रामकुमार ने गिरफ्तार करने वाली टीम को पचास हजार रूपये का पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की।