गाजियाबाद के मोदीनगर की एक छात्रा का क्षत विक्षत शव मेरठ में मिला
इससे पहले भी लापरवाही के चलते मोदी नगर थाना क्षेत्र में एक घटना के चलते पूरा थाना लाइन हाजिर किया जा चूका है जो अपने आप में एक मिशाल है.;
अब बड़ी खबर गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके से आ रही है. जहाँ एक मंदिर के पुजारी की 15 वर्षीय बेटी को अगवा कर गैंगरेप करने का मामला सामने आया है. दसवीं में पढ़ने वाली लड़की को अगवा कर आरोपी मेरठ ले गए, जहां पर उसके साथ जघन्य अपराध को अंजाम देकर उसकी हत्या कर दी गई.
पीड़िता का विकृत शव शुक्रवार को प्रतापपुर इलाके में मिला, जिसे बुरी तरह से सिगरेट से जलाया गया था. 27 दिसंबर को पीड़िता के पिता ने बेटी के अगवा होने की शिकायत मोदीनगर पुलिस थाने में की थी. इससे पहले भी लापरवाही के चलते मोदी नगर थाना क्षेत्र में एक घटना के चलते पूरा थाना लाइन हाजिर किया जा चूका है जो अपने आप में एक मिशाल है.
पीड़िता के पिता ने दावा किया शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. पीड़िता के पिता ने कहा "कुछ लड़कों ने मेरी बेटी को अगवा कर लिया था. इसकी शिकायत जब पुलिस से की तो उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं कि जबकि बेटी का अपहरण करने वाले एक लड़के का नंबर मैंने पुलिस को सौंपा था. पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किया." पिता ने दावा किया कि बेटी की हत्या करने से पहले उसके साथ गैंगरेप किया गया था. लड़की का शव मिलने के बाद शनिवार को स्थानीय लोगों ने जमकर पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और घंटों तक मोदीनगर स्थित एनएच 58 को ब्लॉक करके रखा. पुलिस ने फिर एक बार लापरवाही की है.
खबर के मुताबिक 26 दिसंबर को लड़की के परिजनों ने उसे स्कूल नहीं जाने दिया था, क्योंकि उसके पास से मोबाइल फोन प्राप्त हुआ था, जो कि उन्होंने अपनी बेटी को नहीं दिया था. दोपहर करीब 12 बजे वह शौचालय गई और वहां से वापस आने के बाद आंगन में रखी पानी की टंकी तक गई, जिसके बाद से ही वह गायब है.
वहीं इस मामले पर ग्रामीण गाजियाबाद के एसपी अरविंद कुमार मौर्य ने जानकारी दी कि मामले की जांच के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और पुलिस आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई है. लेकिन अब लाश बरामद होने के बाद टीम गठित करना ठीक है या पहले ही संज्ञान लेना ठीक था.
आपको बता दें कि जब पुलिस में इस तरह के मामले को लेकर जाते है तो पुलिस और परिजन अपनी इज्जत का हवाला देते हुए कार्यवाही को आराम से बढने देते है. लेकिन अगर कोई अनहोनी होती है तो सारा दोष पुलिस का होता है.