साहिबाबाद थानाध्यक्ष को विधायक के भतीजे को जेल भेजना पड़ा महंगा, BJP नेताओं ने कराया ट्रांसफर!

इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने जब दबाव नहीं माना और कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया?;

Update: 2018-06-29 08:15 GMT
विदाई के वक्त थानाध्यक्ष राकेश सिंह को गले लगाते सीओ राकेश मिश्र

साहिबाबाद : एक तरफ प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस को कार्यवाही करने के लिए खुली छूट देने की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी नेता अपने सगे सम्बन्धियों पर कार्यवाही करने वाले पुलिस अफसर का ट्रांसफर करा दे रहे हैं. जी हां, ऐसा ही ताजा मामला हुआ है जनपद गाजियाबाद के साहिबाबाद थानाध्यक्ष राकेश सिंह के साथ जिन्हें मोबाइल चोर को जेल भेजना महंगा पड़ गया. आपको ये भी याद दिला दूं कि अभी दो दिन पूर्व ही गाजियाबाद आए डीजीपी ओपी सिंह ने इंस्पेक्टर राकेश सिंह को अच्छे काम के लिए सम्मानित किया था और प्रशंसा पत्र भी दिया था.

दअसल, सूत्रों की मानें तो मामला 4 दिन पूर्व का है जब अलीगढ़ के खैर से विधायक अनूप वाल्मीकि के भतीजे विजय को एफआईआर संख्या 1405/18 में लूट का मोबाइल चलाते हुए पकड़ा गया. कोतवाल साहिबाबाद राकेश सिंह ने जब विधायक अनूप वाल्मीकि का दबाव नहीं माना तो उन्होंने इसकी शिकायत बीजेपी कर उच्च नेताओ से की जिसके बाद अलीगढ़ से सांसद और विधायकों का फोन कोतवाल के फोन पर आने लगा और भतीजे को छोड़ने की बात की गई.

लेकिन ईमानदार छवि के इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने जब दबाव नहीं माना और कार्रवाई करते हुए लूट का मोबाइल चलाने के आरोपी खैर विधायक के भतीजे विजय को जेल भेज दिया. उसके बाद क्या था फिर चला सत्ता के नशे में डूबी बीजेपी का जोर और लखनऊ से आदेश आने के बाद इंस्पेक्टर साहिबाबाद राकेश सिंह को तुरंत हटा ही नहीं दिया गया उनका तबादला सीधे गाजियाबाद से इलाहाबाद कर दिया गया.


इंस्पेक्टर राकेश सिंह की विदाई के वक्त सीओ राकेश मिश्रा व समस्त थाना स्टाफ 


 खैर, इस कार्यवाही के बाद सवाल उठना तो लाजिमी है कि आखिर जब हम पुलिस के हाथ ही बाँध देंगे तो प्रदेश अपराध मुक्त कैसे बनेगा? मुख्यमंत्री योगी और डीजीपी ओपी सिंह को इस पर सोचना जरूर चाहिए?

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