कासगंज में नहीं थम रही हिंसा, एक बस और 4 दुकानें जलाईं, तिरंगा यात्रा के दौरान हुआ था बवाल
कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा की लपटें शांत होने का नाम नहीं ले रही हैं;
कासगंज : उत्तर प्रदेश के जनपद कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा की लपटें शांत होने का नाम नहीं ले रही हैं। आज कर्फ्यू में ढील दी गयी थी और धारा144 लागू कर दी गयी है। शुक्रवार को दो समुदायों के बीच पत्थरबाजी और गोलीबारी में जान गंवाने वाले युवक चंदन गुप्ता का कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार (27 जनवरी) को अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन इसके बाद फिर से कुछ दुकानों में आग लगा दी गई।
इलाके में पुलिस बल के अलावा आएएफ और पीएसी तैनात होने और कर्फ्यू घोषित होने के बाद ये स्थिति बनी हुई है। उपद्रवियों ने बारहद्वारी इलाके में तोड़फोड़ और 4 दुकानों में आगजनी की घटना को अंजाम दिया। समुदाय विशेष के दो शख्स लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, कासगंज जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस फोर्स के साथ पीएसी की 5 और RAF की 1 कंपनी तैनात की गई है।
दरअसल, 26 जनवरी को कासगंज जिले के कोतवाली इलाके में बिलराम गेट चौराहे पर तिरंगा यात्रा के तहत विश्व हिंदू परिषद और एबीवीपी के कार्यकर्ता बाइक से रैली निकाल रहे थे। इस दौरान नारेबाजी को लेकर समुदाय विशेष के लोगों से बहस हो गई। तकरार में दोनों तरफ से फायरिंग, पत्थरबाजी हुई, जिसमें तिरंगा यात्रा में शामिल एक युवक चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई। दूसरे पक्ष के एक शख्स को भी गोली लगी है।
आईजी अलीगढ़ डॉ. संजीव कुमार गुप्ता के मुताबिक, एटा, अलीगढ़ और हाथरस से फोर्स बुलाई गई है। कलेक्टर आरपी सिंह के मुताबिक, कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चंदन के परिवार वालों ने 50 लाख रुपए मुआवजे और एक मेंबर को नौकरी देने की मांग की है। हालांकि, कलेक्टर आरपी सिंह के मुताबिक, सरकार ने 5 लाख रुपए मुआवजे का एलान कर दिया है। उधर, घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन से विक्टिम के परिवार की हर संभव मदद करने और उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।
अलीगढ़ मंडल के मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा, अलीगढ़ मंडल के आईजी डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, आगरा जोन के एडीजी अजय आनंद, कासगंज के डीएम आरपी सिंह और कासगंज के एसपी सुनील कुमार सिंह मौके पर निगरानी रख रहे हैं।
#Kasganj clashes: Shops and property vandalized. Police at the spot pic.twitter.com/0QyR1GEAuj
— ANI UP (@ANINewsUP) January 27, 2018