यूपी सरकार के मंत्री की बेटी ने किया सास के खिलाफ प्रचार, लोंगों ने दिखाए काले झंडे

Update: 2017-11-18 16:47 GMT

कभी सास भी बहू थी यह तो सुनने में ठीक लगाता है लेकिन कभी बहू चुनाव प्रचार सास के खिलाफ करेेगी यह थोड़ा समझ से परे हुआ। कासगंज जिले में ऐसा ही हुआ है। निर्दलीय चुनाव लड़ रही सास के खिलाफ बहू ने प्रचार किया। इससे जिले का सियासी पारा चढ़ गया है। निकाय चुनाव में वोटिंग के कुछ दिन रह गए हैं रोज नए नए हथकंड़े पार्टियों के द्वारा अपनाए जा रहे हैं। कहीं बेटा बाप के खिलाफ प्रचार कर रहा है तो कही बाप बेटे के खिलाफ मैदान में है। इन सब के बीच चुनाव प्रचार तेजी पर है।


जिले में निकाय चुनाव में शनिवार को उस समय ज्यादा गर्माहट आ गई जब बहू ही विरोध में चुनाव प्रचार करने लगी। बहू भाजपा नेत्री सासू मां के खिलाफ चुनाव प्रचार में कूंद पड़ी है। बहू के चुनाव प्रचार से नाखुश ससुरालीजनों ने काले झंडे दिखाकर भाजपा नेत्री का पुरजोर विरोध किया।


आपको बता दे कि कभी बहुजन समाज पार्टी के खासमखास और कबीना मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपना दल बदलकर भाजपा ज्वाइन किया। स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्या ने अपनी शादी सिढ़पुरा निवासी डा. नवल किशोर शाक्य से की थी। संघमित्रा बसपा सरकार में जिला पंचायत सदस्य भी थी, लेकिन इस वक्त संघमित्रा मौर्य और उनके पति से किसी कारणवश विवाद चल रहा था।


दरअसल सिढ़पुरा नगर पंचायत से भाजपा की उम्मीदवार श्रीमती कंचन गुप्ता मैदान में हैं। इनके पक्ष में शनिवार दोपहर स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी व भाजपा नेत्री संघमित्रा मौर्य चुनाव प्रचार के लिए सिढ़पुरा पहुंचीं थीं। कंचन गुप्ता के पक्ष मै सासू मां रामकली का विरोध कर समर्थन मांग रही थी। रामकली नवल किशोर शाक्य की मां है। सिढ़पुरा नगर पंचायत से अध्यक्ष पद की प्रत्याशी है। तभी चार दर्जन अधिक ससुरालजनों के समर्थक पहुंच गए और उन्होंने काले झंडे दिखाकर विरोध किया।

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