नोएडा फूड पार्क मामले में बाबा रामदेव को इलाहाबाद हाईकोर्ट का नोटिस, 10 दिनों में मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा में फूड ऐंड हर्बल पार्क के लिए पेड़ काटे जाने के मामले में बाबा रामदेव को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने बिना इजाजत के 6 हजार पेड़ों को काटने के मामले में रामदेव से 10 दिनों के अंदर जवाब मांगा है।;

Update: 2017-11-01 10:43 GMT

नोएडा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा में फूड ऐंड हर्बल पार्क के लिए पेड़ काटे जाने के मामले में बाबा रामदेव को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने बिना इजाजत के 6 हजार पेड़ों को काटने के मामले में रामदेव से 10 दिनों के अंदर जवाब मांगा है।  

हाई कोर्ट ने नोएडा में पतंजलि आयुर्वेद को जमीन आवन्टन मामले में सुनवाई करते हुए योग गुरु रामदेव को 10 दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी से भी विस्तृत हलफनामा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 14 नवम्बर को होगी। 



 नोेएडा में बन रहे फूड एंड हर्बल पार्क के लिए बगैर परमिशन के सैकड़ों पेड़ काटे जाने का आरोप लगाते हुए औसाफ समेत नौ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि किसकी इजाजत से हरे पेड़ काटे गए। पेड़ काटते वक्त सरकारी कर्मचारी और पुलिस कैसे मौजूद थी। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन अखिलेश यादव की सरकार ने पिछले साल बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को फूड ऐंड हर्बल पार्क के लिए नोएडा के कादिलपुर और सिलका गांव में साढ़े चार हजार एकड़ जमीन दी थी। अखिलेश यादव ने पिछले साल एक दिसंबर को लखनऊ में पार्क का शिलान्यास भी किया था।  

हालांकि राज्य सरकार और यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी ने जवाब दाखिल कर कोर्ट को बताया है कि उन्होंने पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी। जो जमीन बाबा रामदेव की कंपनी को दी गई, वह पहले कई किसानों को 30 साल के पट्टे पर दी गई थी। 29 अगस्त को यमुना एक्‍सप्रेसवे अथॉरिटी ने अदालत से कहा था कि अगर विवादित जमीन पर पेड़ उखाड़े भी गए हैं, तो इसके ये अथॉरिटी के निर्देश पर नहीं किया गया है। जस्टिस तरुण अग्रवाल और जस्टिस अजय भनोट की खंडपीड ने मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि मामले को ढकने की कोशिश की जा रही है।
पतंजलि ने बतौर ब्रांड भारतीय बाजार में अच्‍छी-खासी पैठ बना ली है। इसी साल मई में, रामदेव ने बताया था कि पतंजलि का टर्नओवर 10,561 करोड़ रुपए रहा है और मुनाफा 100 फीसदी की दर से बढ़ रहा है।

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