दलित प्रदर्शनकारी समझकर संघ विचारक राकेश सिन्हा को उठा ले गई नोएडा पुलिस, बाद में छोड़ा

नोएडा पुलिस ने उन्हें दलित प्रदर्शनकारी समझकर उस वक्त हिरासत में लिया जब वे एक न्यूज चैनल की डिबेट से हिस्सा लेने जा रहे थे?;

Update: 2018-04-03 06:33 GMT
नोएडा : संघ विचारक राकेश सिन्हा को भी भारत बंद आंदोलन का खामियाजा भुगतना पड़ा। दरअसल, नोएडा पुलिस ने सोमवार (2 अप्रैल) को संघ विचारक प्रोफेसर राकेश सिन्हा को हिरासत में लिया। हैरानगी की बात यह है कि नोएडा पुलिस ने उन्हें दलित प्रदर्शनकारी समझकर उस वक्त हिरासत में लिया जब वे एक न्यूज चैनल की डिबेट से हिस्सा लेने जा रहे थे। राकेश सिन्हा ने खुद इसकी जानकारी ट्वीट कर दी है।

राकेश सिन्हा ने बताया, 'मैं एक मीडिया हाउस के पैनल डिस्कशन में भाग लेने के लिए नोएडा में था तभी पुलिस ने मुझे अपनी जीप में जबरन बैठा लिया। वहां आठ पुलिसकर्मी थे जिनका नेतृत्व नोएडा के एसएचओ कर रहे थे और वो अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। जब मैंने उनसे गिरफ्तारी का कारण पूछा तो उन्होंने कहा आप जा सकते हैं।' 



 इस दौरान सिन्हा ने पुलिसकर्मियों से कहा कि उन्हें मानवाधिकार और व्यक्ति के सम्मान का ख्याल रखना चाहिए। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक के फैसले के खिलाफ सोमवार को कई संगठनों द्वारा बुलाए गए 'भारत बंद' प्रदर्शन के तहत देश के अनेक राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए। कई राज्यों में तोड़-फोड़, आगजनी और फायरिंग में 9 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक हिंसा मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना, डबरा और ग्वालियर में हुई, जिसमें 6 की जान चली गई। जबकि उत्तर प्रदेश में दो और राजस्थान में एक की मौत हो गई।

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