दलित प्रदर्शनकारी समझकर संघ विचारक राकेश सिन्हा को उठा ले गई नोएडा पुलिस, बाद में छोड़ा
नोएडा पुलिस ने उन्हें दलित प्रदर्शनकारी समझकर उस वक्त हिरासत में लिया जब वे एक न्यूज चैनल की डिबेट से हिस्सा लेने जा रहे थे?;
नोएडा : संघ विचारक राकेश सिन्हा को भी भारत बंद आंदोलन का खामियाजा भुगतना पड़ा। दरअसल, नोएडा पुलिस ने सोमवार (2 अप्रैल) को संघ विचारक प्रोफेसर राकेश सिन्हा को हिरासत में लिया। हैरानगी की बात यह है कि नोएडा पुलिस ने उन्हें दलित प्रदर्शनकारी समझकर उस वक्त हिरासत में लिया जब वे एक न्यूज चैनल की डिबेट से हिस्सा लेने जा रहे थे। राकेश सिन्हा ने खुद इसकी जानकारी ट्वीट कर दी है।
राकेश सिन्हा ने बताया, 'मैं एक मीडिया हाउस के पैनल डिस्कशन में भाग लेने के लिए नोएडा में था तभी पुलिस ने मुझे अपनी जीप में जबरन बैठा लिया। वहां आठ पुलिसकर्मी थे जिनका नेतृत्व नोएडा के एसएचओ कर रहे थे और वो अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। जब मैंने उनसे गिरफ्तारी का कारण पूछा तो उन्होंने कहा आप जा सकते हैं।'
नॉएडा पुलिस @CNNnews18 studio के गेट sho अनिल कुमार शाही के नेतृत्व में ज़बरन पुलिस गाड़ी में बैठाकर ले गयी .उनका व्यवहार अशोभनिया था .धमकी भरा था .भीड़ जुटने पर 500 मीटर दूर जाकर छोड़ा.बाद में सफ़ाई दी मुझे दलित ऐक्टिविस्ट समझ बैठे @myogiadityanath @narendramodi
— Prof Rakesh Sinha (@RakeshSinha01) April 2, 2018
इस दौरान सिन्हा ने पुलिसकर्मियों से कहा कि उन्हें मानवाधिकार और व्यक्ति के सम्मान का ख्याल रखना चाहिए। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक के फैसले के खिलाफ सोमवार को कई संगठनों द्वारा बुलाए गए 'भारत बंद' प्रदर्शन के तहत देश के अनेक राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए। कई राज्यों में तोड़-फोड़, आगजनी और फायरिंग में 9 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक हिंसा मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना, डबरा और ग्वालियर में हुई, जिसमें 6 की जान चली गई। जबकि उत्तर प्रदेश में दो और राजस्थान में एक की मौत हो गई।