शाहबेरी में खराब बिल्डिंग मैटीरियल से निर्माणधीन छह मंजिला इमारत बिलकुल बराबर वाली चार मंजिला इमारत पर गिरी. दोनो इमारत जमींदोज हो गई है. चार मंजिला मकान में अनेक फैमली रह रही थी. छह मंजिला इमारत में निर्माण कार्य में लगे मिस्त्री मजदूर व उनकी फैमली व एक अन्य परिवार रह रहे थे. अचानक भरभरा कर गिरी बिल्डिंग ने किसी को सोचने समझने या बचाव करने का मौका नहीं दिया.
दोषी कौन है? यह तो जांच के बाद पता चलेगा लेकिन सबसे बड़ा दोषी लालच है. चंद रुपयों के लिए कुछ लोग इतना लालच करने लगे हैं कि धडाधड फ्लैट प्रोजेक्ट पूरा कर फ्लैट हैंडओवर करने के चक्कर में नियम कायदे तोड़कर दुसरो की या अपनी जान जोखिम में डालने से भी नही चूक रहे हैं. विपरीत परिस्थितियों में बचाव कार्य में लगे सभी व्यक्तियों की सराहना करते हैं कि जीतोड़ मेहनत कर आखिरी उम्मीद तक मलबे में दबे व्यक्तियों को बचाने के लिए प्रयासरत है.
सभी दुआएँ करे मलबे में दबे लोगो व बचाव कार्य में लगे सभी व्यक्तियों के लिए, बहुत बड़ा हादसा है इसको शब्दो मे बयान नही किया जा सकता. जमीनी हकीकत बहुत भयावह है, बचाव कार्यो में और तेज़ी लाने की जरूरत है, सेना या रेलवे विभाग के बचाव दल की मदद लेनी पड़े तो सेना या रेलवे की भी मदद जल्दी लेने का फैसला करे शासन प्रशासन से जुड़े महोदय, पत्रकारिता जगत देर रात से घटना स्थल पर मौजूद है. आंखों में आंसू है, दुआँ करते हैं कि मलबे में दबे हुए सभी व्यक्ति सही सलामत जीवित बच जाये.
निर्माणाधीन इमारत में सीमेंट बहुत हल्का लग रहा था. आरसीसी के लेंटर के टूटे हुए छोटे छोटे टुकड़े उंगलियों से टूट रहे थे. सरियों में उलझी हुई सेकड़ो टन वजनी लेंटर की बहुत बड़ी बड़ी परतों को हटाने में दिक्कत आ रही है, घटना स्थल पर मौजूद 30 टन छमता की क्रेन ढंग से काम नहीं कर पा रही है, जनपद गौतमबुद्ध नगर के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ साथ जनपद के बेहद जिम्मेदार व्यक्तियों,समाजसेवियों की मौजूदगी है घटना स्थल पर, सभी आ जा रहे हैं शाहबेरी गाँव, आप सभी से पुनः अपील है प्रार्थना, दुआँओ की.