महाशिवरात्रि के लिए काशी विश्वनाथ तैयार! शिवरात्रि पर बाबा के भक्त कर सकेंगे लाइव दर्शन.....

महाशिवरात्रि के लिए काशी विश्वनाथ तैयार! शिवरात्रि पर बाबा के भक्त कर सकेंगे लाइव दर्शन, काशी विश्वनाथ को हुंडी के चढ़ावे से मिला रिकॉर्ड चढ़ावा।

Update: 2024-03-04 13:23 GMT

महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर महादेव के भक्तों को काशी विश्वनाथ धाम ने एक अद्भुत तोहफा दिया है। इसके तहत भोलेनाथ के भक्त 36 घंटे (महाशिवरात्रि की अवधि में) काशी विश्वनाथ का दर्शन नि:शुल्क मोबाइल एप्लीकेशन पर और यूट्यूब एवं मंदिर के फेसबुक पेज पर लाइव देख सकते हैं। इतना ही नहीं पहली बार महाशिवरात्रि से पहले तीन दिवसीय सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है।


महादेव की नगरी काशी में महाशिवरात्रि के उत्सव की तैयारी शुरू हो चुकी है। काशी विश्वनाथ धाम ट्रस्ट ने महाशिवरात्रि पर पहली बार तीन दिवसीय सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया है। महाशिवरात्रि के अवसर पर भोलेनाथ अपने भक्तों को 36 घंटे तक दर्शन देंगे। यह दर्शन 8 मार्च की सुबह 3:00 बजे मंगला आरती खत्म होने के बाद शुरू होगा और इसके पश्चात बाबा अपने भक्तों को दर्शन देंगे। काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि हमने इस बार अपने कर्मचारियों को और अधिक ट्रेनिंग दी है कि वह महाशिवरात्रि के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं से नम्रता पूर्वक व्यवहार करें। किसी भी कठोर शब्द या उनसे किसी भी प्रकार की धक्का मुक्की ना करें। इससे आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा अनुभव के साथ यहां से जाए। उन्होंने बताया कि पहली बार साप्ताहिक हुंडी (मंदिर परिसर में रखा गया हुंडी जिसमें श्रद्धालु अपना चढ़ावा चढ़ाते हैं) जो बाबा की हर 7 से 10 दिन के अंतराल में खोली जाती है। उसमें पहली बार 50 लाख से अधिक रिकॉर्ड चढ़ावा मिला है।



इन रास्तों से मिलेगा मंदिर में प्रवेश

काशीपुरधिपति अपने भक्तों को चारों मार्ग से दर्शन देंगे। गेट नंबर 4 से दर्शनार्थी प्रवेश करेंगे नीलकंठ भवन और शंकराचार्य चौक से होते हुए वह बाबा का मुख्य प्रांगण में प्रवेश करके दर्शन करेंगे और वापस शंकराचार्य चौक की तरफ से होते हुए बाहर जा सकेंगे.नंदफुरिया रैंप से भी दर्शनार्थियों का प्रवेश होगा चेकिंग के बाद यह दर्शन करके शृंगार गौरी होते हुए बाहर जा सकेंगे।अन्नपूर्णा द्वारा से भक्तों का प्रवेश होगा चेकिंग के बाद यह पश्चिमी गर्भ गृह से इनको दर्शन करते हुए शृंगार गौरी के रास्ते बाहर जा सकेंगे।सरस्वती द्वारा से दर्शनार्थी प्रवेश करेंगे कतारबद्ध होते हुए गर्भ गृह दक्षिणी से दर्शन करके बी गेट से वापस जा सकेंगे।ललिता घाट और भैरव द्वार से भी दर्शनार्थ प्रवेश करेंगे यह दर्शनार्थ शंकराचार्य होते हुए मंदिर में प्रवेश करेंगे और पूर्वी गर्भगृह से दर्शन करते हुए बाहर जा सकेंगे।

गौदौलिया से मैदागिन नो व्हीकल जोन घोषित

महाशिवरात्रि पर्व के लिए वाराणसी जिला प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए गौदौलिया से लेकर मैदागिन तक महाशिवरात्रि वाले दिन नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है। किसी भी प्रकार के वाहन को इन रास्तों पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वही पंचकोश और महाशिवरात्रि के दर्शनार्थियों की संख्या को देखते हुए सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था किए गए हैं। 

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