अन्याय प्रतिकार यात्रा मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने किया खारिज...

अन्याय प्रतिकार यात्रा मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने किया खारिज...

Update: 2022-10-28 10:22 GMT

7 साल पुरानी अन्याय प्रतिकार यात्रा के मामले में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत अर्जी पर आज वाराणसी की MP-MLA कोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी का एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय ने विरोध किया।


जस्टिस सियाराम चौरसिया की कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अभियुक्त को अग्रिम जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है। कोर्ट के ऑर्डर के बाद जहां एक ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, उनके एडवोकेट लोअर कोर्ट के ऑर्डर को अपर कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में जुट गए हैं।


गौरतलब है कि बीते दिनों MP-MLA कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, महंत संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा, महंत बालक दास सहित 25 लोगों को फरार घोषित किया था। साथ ही, सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उनकी संपत्ति की कुर्की का आदेश पुलिस को दिया था।


अदालत ने कहा था कि इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट ADCP काशी जोन पेश करेंगे। कोर्ट के सख्त रुख के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के एडवोकेट रमेश कुमार उपाध्याय की ओर से अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई थी।


5 नवंबर 2015 को हुआ था बवाल


गंगा में गणेश प्रतिमा के विसर्जन पर अड़े लोगों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा 5 अक्तूबर 2015 को मैदागिन के टाउनहाल से दशाश्वमेध तक अन्याय प्रतिकार यात्रा निकाली गई थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आगे-आगे भी एक जत्था चल रहा था। शाम करीब 4:30 बजे के लगभग गोदौलिया चौराहे पर खड़ा एक सांड़ भड़क गया और गिरजाघर चौराहे की ओर भागा। जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई। भगदड़ देख चौक से गोदौलिया की ओर बढ़ रही अन्याय प्रतिकार यात्रा में शामिल लोग भी भागने लगे। उन्हें लगा कि पुलिस ने यात्रा रोकी है और लाठीचार्ज कर दिया है। उसी बीच मौका पाकर उपद्रवियों ने पहले पुलिस बूथ फिर एक सरकारी जीप में आग लगा दी। बूथ में लगी आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटों ने ठीक पीछे तांगा स्टैंड को भी अपनी चपेट में ले लिया। जिसमें एक मजिस्ट्रेट की जीप, फायर ब्रिगेड की गाड़ी व पुलिस की वैन और लगभग दो दर्जन बाइक आग के हवाले कर दी गईं। उस दौरान गोदौलिया तांगा स्टैंड पर कहीं से दो पेट्रोल बम भी फेंके गए। इससे आग और तेजी से फैली। वहीं, उस दौरान हुए पथराव में तत्कालीन एडीएम, सिगरा थानाध्यक्ष, पीएसी का एक जवान और एक न्यूज चैनल का फोटोग्राफर बुरी तरह घायल हो गए।

उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले लाठियां पटकीं। फिर, आंसू गैस और रबड़ बुलेट का इस्तेमाल किया। हवाई फायरिंग भी की गई। पुलिस ने उपद्रव प्रभावित इलाकों में जाने वाले रास्तों को सील कर दिया। हालात काबू में नहीं आता देख कोतवाली, चौक, दशाश्वमेध, लक्सा और चेतगंज थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया। फोर्स इन सभी इलाकों में चक्रमण पर निकल गई। सब कुछ सामान्य होने पर दो घंटे बाद कर्फ्यू हटा लिया गया।


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