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15 साल की लड़की साइकिल पर घायल पिता को बिठाकर गुरुग्राम से पहुंची बिहार

पिता और बेटी ने 10 मई को गुरुग्राम से यात्रा शुरू की. 16 मई को वे अपने गांव पहुंचे.

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एक 15 साल की लड़की ने साइकिल पर पिता को बिठाकर गुरुग्राम से बिहार तक का सफर किया है. करीब एक हफ्ते तक पिता को पीछे बिठाकर साइकिल चलाने के बाद लड़की बिहार के दरभंगा पहुंच गई. करीब एक हफ्ते में लड़की ने 1200 किमी का सफर पूरा किया. इस लड़की का नाम ज्योति कुमारी है. पिता मोहन पासवान के घायल होने की वजह से ज्योति को उन्हें बिठाकर पूरे रास्ते साइकिल चलाना पड़ा.

ज्योति 7वीं क्लास में पढ़ती है. ज्योति ने कहा कि सफर के दौरान उसे डर लगता था कि कहीं पीछे से कोई गाड़ी टक्कर न मार दे. ज्योति का कहना है कि उसे रात में हाईवे पर साइकिल चलाते हुए डर नहीं लगा क्योंकि सैकड़ों प्रवासी मजदूर भी सड़क से गुजर रहे थे. हालांकि, रोड पर किसी गाड़ी से टक्कर होने को लेकर वह चिंतित थी.

पिता और बेटी ने 10 मई को गुरुग्राम से यात्रा शुरू की. 16 मई को वे अपने गांव पहुंचे. यात्रा के लिए उन्होंने 500 रुपये में साइकिल खरीदी. एक ट्रक ड्राइवर ने उनसे दरभंगा पहुंचाने के लिए 6 हजार रुपये मांगे जो ज्योति के पिता नहीं दे सकते थे.

ज्योति के पिता गुरुग्राम में ई-रिक्शा चलाते थे. लेकिन लॉकडाउन की वजह से उन्हें ई-रिक्शा मालिक के पास जमा करना पड़ा. इसी दौरान उन्हें पैर में चोट भी लग गई.

दरभंगा के अपने गांव पहुंचने के बाद ज्योति को घर में क्वारनटीन किया गया है जबकि पिता को एक क्वारनटीन सेंटर में रखा गया है. ज्योति ने कहा कि पिता के पास पैसे नहीं बचे थे. मकान मालिक पैसे देने या फिर घर खाली करने के लिए दबाव बना रहे थे. इसके बाद उन्होंने साइकिल से घर आने का फैसला किया.


Arun Mishra

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Sub-Editor of Special Coverage News
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