Top
Begin typing your search...

भविष्य की जरूरतों के अनुसार आयुर्वेदिक और युनानी चिकित्सा का विकास जरूरी- मुख्यमंत्री

भविष्य की जरूरतों के अनुसार आयुर्वेदिक और युनानी चिकित्सा का विकास जरूरी- मुख्यमंत्री
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

कुमार कृष्णन

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पतालमा राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल परिसर के भ्रमण के दौरान द्रव्य गुण विभाग, संग्रहालय, प्रयोगशाला, सभागार कथा, औषधि पैकिंग का, ओपीडीएस शल्य चिकित्सा, पंचकर्म विभाग, राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधि निर्माणशाला सहित अन्य चीजों का निरीक्षण कर विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री को द्रव्य गुण विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ भगवान सिंह एवं सहायक प्राध्यापक डॉ० रमण रंजन ने औषधियों के उपयोग, विशेषता एवं उसके लाभ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि औषधियों के निर्माण के लिये ज्यादातर जड़ी-बूटियां राजगीर तथा बिहार के अन्य हिस्से से ही उपलब्ध हो जाती है।


राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से लोग इलाज करा रहे है और काफी संख्या में लोग इससे लाभान्वित भी हो रहे है। मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल भ्रमण के पश्चात् राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल परिसर का भ्रमण किया और स्नातकोत्तर निर्माणाधीन भवन का भी निरीक्षण किया। राजकीय कॉलेज एवं अस्पताल परिसर के कथा में आयुष प्रक्षेत्र की समीक्षात्मक बैठक हुई।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल तथा राजकीय तिमी कॉलेज एवं अस्पताल के एकेडमिक्स इनफास्ट्रक्चर एवं यहां दी जा की चिकित्सिकीय सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी प्रस्तुतीकरण के क्रम में मुख्यमंत्री को बताया गया कि राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल देश का पहला सरकारी तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल है जिसकी स्थापना 20 जुलाई 1020 को की गयी थी, वहीं राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल देश के पुराने आयुर्वेदिक संस्थानों में से एक है, जिसकी स्थापना 28 जुलाई 1600 को की गयी थी।

मुख्यमंत्री के समय राजकीय आरटीए होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, मुजफ्फरपुर, राजकीय महारानी रमेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान, दरभंगा तथा राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, बेगूसराय के मास्टर प्लान का भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल तथा राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल विशिष्ट एवं बेहतर बनाने के लिए योजना बनाकर काम करें।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस संस्थान को और महत्वपूर्ण बनाना है। यहां विशेषज्ञों को भी बुलाकर चिकित्सा पद्धति को और बेहतर बनाने के लिए काम करें ताकि लोगों के इलाज में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो उन्होंने कहा कि बे डॉक्टरों, चिकित्साकर्मियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत हो तो इसे बढ़ाएं साथ ही अन्य जरूरी सुविधाओं हेतु सभी इंतजाम करें रिसर्च दिंग को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की जड़ी बूटियों का नाम संस्कृत और हिन्दी में ही रखें ताकि लोगों को इसकी जानकारी में सहूलियत हो राजगीर में आयुर्वेदिक औषधियों के पौधे को विशेषज्ञों द्वारा चित्रित कर उन्हें रखें लोग इसका दवा के रूप में उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग एलोपैथिक के साथ-साथ आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति को बेहवर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, ताकि लोगों को इलाज में सहुलियत हो।

निरीक्षण के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी का निर्णय वर्ष 2015 का है उसको लेकर जितना अभियान चला है आप सबलोग जानते हैं। इसको लेकर इनलोगों ने अब तक 9 बार समीक्षा बैठक की है। इस बार जो समीक्षा बैठक हुई है उसमें स्पष्टता के साथ हमने सारे अधिकारियों को कह दिया किए एक-एक चीज को देखिए 25 तारीख को शराबबंदी को लेकर फिर एक बार शपथ ली जायेगी।

आज हमलोग दोनों कॉलेजों की स्थिति को देखने के लिए आए हैं। कई साल पहले हम यहां आए थे स्वास्थ्य विभाग को इसको लेकर काम कर रहा है। इसी सिलसिले में हमलोग यहां देखने के लिए आए है। दोनों इंस्टीच्यूशन को हमने देख लिया और बातचीत हमलोगों ने कर लिया है। दोनों तरफ के चिकित्सकों से हर स्तर पर बातें हुई है। इस बा हमलोग विस्तार करेंगे देश में सबसे शुरूआती दौर में आयुर्वेद कॉलेज पटना में बना था।

पटना के अलावे अन्य जगहों पर भी इस चिकित्सा पद्धति का विकास करेंगे। पटना के अलावा मुजफ्फरपुर दरभंगा और बेगूसराय की स्थिति के बारे में भी हमलोगों ने समीक्षा कर ली है उसका भी विश्वार करेंगे का हमलोगों का ही मकसद था। सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद और गूनानी कॉलेज जो कि देश के पुराने संस्थानों में से एक है, इसका हमलोग और विस्तार कर रहे है पीएमसीएच के लिए काम हो रहा है, अन्य जगहों पर भी मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। इस प्रकार चिकित्सा और महाविद्यालयों का हमलोग विस्तार करेंगे। इस पर हमलोगों ने बातचीत कर ली है और इसका हमलोग कुछ दिन के बाद करेंगे। उन्होंने कहा कि राजगीर में होने वाले राष्ट्रीय आयुर्वेद पर्व के अवसर पर सारी बातें विस्तार से रखी जायेगी हमलोगों ने तय किया है कि आयुर्वेद कॉलेज का हमलोग विस्तार करेंगे।

शराब को लेकर शादियों की पार्टी में पुलिस की छापेमारी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को ऐसी शिकायतें मिली है कि कुछ लोग शादी के कार्यक्रम में भी दारु पिलाने का इंतजाम करते हैं। इस संबंध में पुलिस को सूचना मिलने पर छापेमारी की जा रही है। इसको लेकर किसी को भी चिंता नहीं करनी चाहिए जो लोग शराब का सेवन नहीं करते है उनको इससे कोई दिक्कत नहीं है। पुलिस को शराब को लेकर कोई जानकारी मिली होगी, उसी के आधार पर छापेमारी की गई होगी। इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

समाचार में जो बाते सामने आती है उसको लेकर हमारे कार्यालय के अधिकारी करते हैं। शराबबंदी को लेकर प्रशासन को एक-एक चीज देखने की जिम्मेदारी दी गई है। शराब पीना और शराब उपलब्ध कराना गलत चीज है। यह अनैतिक और गैरकानूनी है। इस पर रोक लगाना और लोगों को शराबबंदी के प्रति जागरूक करना हमारा मकसद है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर पुलिस की छापेमारी से लोगों में भय नहीं बल्कि सूची है। शराबबंदी को लेकर पूरे बिहार में फिर से अभियान चलाया जायेगा। हमलोग खुद बिहार के विभिन्न जगहों पर जाकर लोगों को शराबबंदी के प्रति जागरूक करेंगे। इससे लोगों में शराबबंदी के प्रति और जागरूकता आयेगी।

नेता प्रतिपक्ष द्वारा बिहार सरकार पर लगाये गये आरोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को काम से कोई मतलब नहीं है। बिहार में कितना काम हो रहा है यह सभी लोगों को पता है। विभिन्न विभागों के मंत्री भी अपने-अपने काम में लगे रहते हैं। आगे और कैसे बेहतर काम हो इसको लेकर हमलोग विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि हर महीने के पहले तीन सोमवार को हम जनता से मिलकर उनकी शिकायतों का समाधान करते है। जनता की शिकायतों का अब तेजी से समाधान किया जा रहा है। जिनको बोलना है वो बोलते रहे। इसको लेकर हमें कोई दिक्कत नहीं है बोलने का अधिकार सभी को है लेकिन काम करने की ड्यूटी सिर्फ हमलोगों की है। यह हमलोगों का कर्तव्य है हमलोग अपने काम में लगे पड़ते हैं।

सुजीत गुप्ता
Next Story
Share it