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पेंच में फंसा है विधानपरिषद की 24 सीटों का गठबंधन

पेंच में फंसा है विधानपरिषद की 24 सीटों का गठबंधन
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पटना। बिहार में विधानपरिषद की 24 सीटों पर चुनाव को लेकर दोनों गठबंधन में पेंच फंसा है। एनडीए के घटक दलों में भी सीट बंटवारे पर जिच कायम है। एनडीए में सबसे बड़ा दल भाजपा 13 सीट अपने खाते में चाह रही है। वहीं सहयोगी दल जदयू विधानसभा चुनाव 2020 का फार्मूले की मांग कर रही है। दूसरे सहयोगी मांझी ने भी 2 सीटों की मांग कर परेशानी बढ़ा दी है। बिहार में विप की सीट बंटवारे को लेकर दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से संजय जायसवाल एवं उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने मुलाकात की। मुलाकात में क्या कुछ हुआ इस पर साफ-साफ बोलने से उपमुख्यमंत्री बचते रहे।

भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष बिहार भाजपा के नेताओं ने अपनी पूरी बात बताई है। विप की 24 सीटों पर सहयोगी दलों से समझौते को लेकर निर्णय अब केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मीटिंग के बाद बिहार के डिप्टी उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि एनडीए में सबकुछ ठीक चल रहा है। कहीं कोई विवाद नहीं है। जहां तक विधानपरिषद की सीटों के बंटवारे का सवाल है तो इस पर बहुत जल्द फैसला हो जायेगा। कौन कहां से लड़ेंगे सबकुछ जल्द ही साफ हो जायेगा। वहीं बोचहां विस उप चुनाव में हमसब मिलकर लडेंगे। बता दें, केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर डॉ. संजय जायसवाल एवं उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद दिल्ली गये थे। दोनों नेता केंद्रीय नेतृत्व से मिले हैं और विप की सीटों पर चर्चा की है। बिहार के नेताओं से भाजपा नेतृत्व फाइनल बात कर फिर सहयोगी जदयू नेतृत्व से बात करेगा।

जदयू की तरफ से भाजपा नेतृत्व को बता दिया गया है कि पार्टी आधी सीटों पर चुनाव लड़ने को इच्छुक है। जदयू का मानना है कि 2020 विस चुनाव के फार्मूले पर सीट का बंटवारा हो। लेकिन भाजपा इसके लिए तैयार नहीं है। भाजपा का तर्क है कि 24 में 13 तो हमारी सीटिंग सीटें हैं। ऐसे में सीटिंग सीट हम नहीं छोड़े सकते। अब देखना होगा बिहार भाजपा नेताओं के दिल्ली दरबार में जाने के बाद सीटों के समझौते पर केंद्रीय नेतृत्व क्या निर्णय लेता है।


सुजीत गुप्ता
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