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बिहार: कुव्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री ने रबी महाअभियान का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री को हाथ में झंड़ा लेकर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वे सभी जिलों के प्रचार रथ को रवाना कर रहे थे

बिहार: कुव्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री ने रबी महाअभियान का किया शुभारंभ
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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित "संवाद" के सामने बने मंच से रबी महाभियान (2021-22) के शुभारंभ के अवसर पर रबी महाभियान प्रचार रथों को सभी जिलों के लिये हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही सभी पंचायतों में किसान चैपाल की भी शुरूआत की। रबी 2021 की सफलता के लिये रबी महाभियान की शुरूआत की जा रही है। इस महाभियान में किसानों को रबी मौसम से संबंधित कृषि विभाग की सभी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी, साथ ही फसल अवषेष प्रबंधन एवं खेतों में फसल अवषेष को जलाने से मिट्टी एवं पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जायेगा।

कार्यक्रम में सरकारी कुव्यवस्था हाबी रहा। मुख्यमंत्री सभी जिलों के लिए प्रचार रथ को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना कर रहे थे। मुख्यमंत्री को हाथ में झंड़ा लेकर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वे सभी जिलों के प्रचार रथ को रवाना कर रहे थे। लेकिन अंत कर कई प्रचार रथ मुख्यमंत्री के पास से नहीं गुजरी। काफी देर तक इंतजार करना पड़ा कि सभी जिलों का प्रचार रथ को रवाना कर दें ।लेकिन अंत कर कई प्रचार रथ मुख्यमंत्री के पास से नहीं गुजरी।

रबी 2021 की सफलता के लिए कृषि विभाग ने रबी महा अभियान की शुरूआत की है। किसानों को प्रचार रथ के माध्य़म से रबी मौसम से संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। इसके लिए कृषि विभाग ने सभी जिलों के लिए हाईटेक प्रचार रथ का इंतजाम किया है। विभाग ने इसके लिए एक कंपनी को ठेका दिया है। कंपनी की तरफ से ही सभी जिलों के लिए टीवी-स्क्रीन युक्त प्रचार गाड़ी मुहैया कराई गई है। लेकिन आज के उद्घाटन सत्र में ही विभाग की तैयारी की पोल खुल गई। मुख्यमंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम में ही 38 जिलों में 2 जिलों की प्रचार गाड़ी खराब हो गयी। दो जिलों पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर के लिए दी गई प्रचार गाड़ी मुख्यमंत्री के सामने से गुजरने से पहले ही बंद हो गई। प्रचार रथ की स्थिति ऐसी थी कि काफी प्रयास के बाद भी गाड़ी चालू ही नहीं हुई। लिहाजा दोनों जिलों के लिए प्रचार रथ सड़कों पर खड़ी रही।

मुख्यमंत्री ने झुककर देखा कि कहीं और गाड़ियां तो नहीं आ रही? उन्होंने देखा कि प्रचार रथ आ नहीं रहा बल्कि कुछ दूरी पर खड़ा है। लिहाजा वे चले गये। जब दोनों प्रचार रथ के ड्राईवर से पूछा तो उनलोगों ने बताया कि गाड़ी यहां आकर खराब हो गई। चालू करने का काफी प्रयास किया लेकिन स्टार्ट ही नहीं हो रहा। एक प्रचार रथ पूर्वी चंपारण की है वहीं दूसरा मुजफ्फरपुर के लिए है।

कार्यक्रम के आरंभ में मंच पर मुख्य सचिव को ही कुर्सी नहीं मिली। मुख्यमंत्री,उपमुख्यमंत्री कृषि मंत्री व मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव मंच पर लगी कुर्सी पर बैठे थे। वहीं मुख्य सचिव के लिए कुर्सी नहीं थी। मजबूरन वे मंच के नीचे टहल रहे थे। अहसास होने पर अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। फिर आनन-फानन में बगल के पंडाल से कुर्सी मंगा कर मंच पर लगाया गया। तब जाकर मुख्य सचिव चेयर पर बैठ सके।

दरअसल, उद्घाटन कार्यक्रम के लिए मंच पर पहले से चार कुर्सियां लगाई गई थी। मुख्यमंत्री के आने के बाद सारी कुर्सियां भर गईं। लिहाजा मुख्य सचिव सबकुछ देख-समझकर चुपचाप नीचे ही रह गये और बगल में थोड़ी देर खड़े रहे। जब दूसरे अधिकारियों की नजर गई तब जाकर गलती का अहसास हुआ। फिर क्या था ?सामने लगे पंडाल की तरफ एक कर्मी ने दौड़ लगाई। वहां से एक कुर्सी को लाया गया। फिर मंच पर वो कुर्सी लगाई गई। तब जाकर मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण मंच पर बैठ सके। मंच पर बैठने के बाद मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार ने उनका बांह दबाकर हल्की आवाज में कुछ इशारा किया।

मुख्य सचिव को मंच पर कुर्सी मिलने के बाद रबी महाअभियान कार्यक्रम की शुरूआत हुई। फिर मुख्यमंत्री ने हरी झंड़ी दिखाकर प्रचार रथों को रवाना किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री रेणू देवी व कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे।

Shiv Kumar Mishra
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