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नीति आयोग की रिपोर्ट पर गर्मा उठी बिहार की राजनीति, तेजस्वी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कसा तंज, नीतीश ने दिया ये जवाब

नीति आयोग की रिपोर्ट पर गर्मा उठी बिहार की राजनीति, तेजस्वी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कसा तंज, नीतीश ने दिया ये जवाब
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बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नीति आयोग की जारी रिपोर्ट से बिहार की राजनीति गर्मा उठी है। गांधी जयंती समारोह के मौके पर गांधी मैदान में पत्रकारों ने जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नीति आयोग की रिपोर्ट को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि मुझे इसके बारे में नहीं पता। उन्होंने कहा कि गांधी के विचारों के साथ ना सिर्फ हमलोगों को चलना है, बल्कि उनके विचारों को नई पीढ़ी तक भी हमें पहुंचाना है। मुख्यमंत्री यहां महात्मा गांधी को नमन करने के लिए पहुंचे थे।

नीति आयोग की रिपोर्ट

गुरूवार को नीति आयोग की रिपोर्ट आई।

इस रिपोर्ट को स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय और डब्ल्यूएचओ इंडिया ने मिलकर तैयार किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत में जिला अस्पतालों में प्रति एक लाख आबादी पर औसतन 24 बेड है।

इसमें पुडुचेरी में जिला अस्पतालों में सबसे ज्यादा औसतन 222 बिस्तरें उपलब्ध है।

जबकि बिहार में यह आंकड़ा मात्र 6 बेड का है। बस इसी को लेकर विपक्ष सत्ता पर हावी है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जहां सीएम नीतीश कुमार को बधाई देते हुए तंज कसा, तो वहीं अब पार्टी प्रवक्ताओं ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। भागलपुर से पार्टी नेता सह युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी और अरुण कुमार यादव ने आक्रोश व्यक्त किया है।

अरुण यादव ने कहा कि बिहार में 15 वर्षों से नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है। फिर भी नीति आयोग के रिपोर्ट के अनुसार 1 लाख की आबादी पर बिहार के जिला अस्पतालों में मात्र 6 बेड हैं, जबकि देश के मानक अनुसार 24 बेड होने चाहिए। जिला अस्पतालों में बेड मामलों में भी देश में बिहार सबसे निचले पायदान पर क्यों है? इसके लिए दोषी कौन है? सीएम नीतीश को जवाब देना चाहिए।

राजद विधायक तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर नीति आयोग की रिपोर्ट को लेकर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि 40 में से 39 लोकसभा सांसद एनडीए के हैं। इसके बावजूद बिहार के अस्पतालों में बेड की संख्या देश में सबसे कम है। अपने ट्वीट में नेता प्रतिपक्ष ने व्यंग्य करते हुए इसके लिए राज्य की डबल इंजन सरकार को बधाई दी है।

उन्होंने कहा कि देश के अस्पतालों में बेड के मामले में बिहार देश में नीचे से फर्स्ट आया है। यह नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार है। राज्य सरकार के 16 वर्षों के अथक परिश्रम के बाद नीचे से फर्स्ट करने का मौका मिला है। इससे बिहार को अद्भुत फायदा मिल रहा है।

तेजस्वी ने कहा नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के जिला अस्पतालों में सबसे कम बेड बिहार में हैं। बिहार में एक लाख की आबादी पर मात्र छह बेड हैं। बता दें कि नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में अस्पतालों में बेड की उपलब्धता, मरीजों को मिलने वाली जांच सुविधा, पैरामेडिकल स्टाफ के साथ ही मेडिकल स्टाफ की संख्या, इलाज के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता को आधार बनाया है।

सुजीत गुप्ता
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