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गृहमंत्री अमित शाह पर तंज कसना पड़ा महंगा? जेडीयू प्रवक्‍ता अजय आलोक ने दिया इस्‍तीफा

अपना इस्‍तीफा देते हुए अजय आलोक ने कहा कि वो नीतीष जी के लिए शर्मिंदगी का कारण नहीं बनना चाहते थे?

गृहमंत्री अमित शाह पर तंज कसना पड़ा महंगा? जेडीयू प्रवक्‍ता अजय आलोक ने दिया इस्‍तीफा
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नई दिल्ली : एनडीए के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रवक्‍ता अजय आलोक ने अपना इस्‍तीफा दे दिया है। आलोक ने अपने इस्‍तीफे की कॉपी ट्विटर पर पोस्‍ट करते हुए कहा है कि उनकी विचारधारा पार्टी की विचारधारा से मेल नहीं खा रही है, जिसकी वजह से उन्होंने पार्टी के प्रवक्ता पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। आलोक का यह इस्तीफा गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर हमला करने के बाद आया है।

अपना इस्‍तीफा देते हुए अजय आलोक ने मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हुए कहा कि वो उनके लिए शर्मिंदगी का कारण नहीं बनना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है। माना जा रहा है कि अजय आलोक के इस रुख के बाद से भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू के बीच खटास पैदा हो गई थी। जिसके बाद दबाव के चलते उन्‍होंने इस्‍तीफा दिया है।

दरअसल जेडीयू प्रवक्‍ता अजय आलोक ने 12 जून को ट्विटर पर एक पोस्‍ट किया था, जिसमें उन्‍होंने बांग्‍लादेशी शरणार्थी के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा था। अजय आलोक ने आरोप लगाया था कि सीमा पर बीएसएफ के अधिकारी 5000 रुपये लेकर बांग्लादेशी घुसपैठियों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करवाते हैं। माना जा रहा है कि इसी ट्वीट पर हुई उनकी आलोचना के चलते अजय आलोक ने इस्‍तीफा दिया है।



दरअसल, बुधवार को अजय आलोक ने पश्चिम बंगाल के अंदर सीमा पर बीएसएफ की मदद से बांग्लादेशी घुसपैठियों की धड़ल्ले से एंट्री को लेकर सवाल खड़े किए थे। अजय आलोक ने आरोप लगाया था कि सीमा पर बीएसएफ के अधिकारी 5000 रुपये लेकर बांग्लादेशी घुसपैठियों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करवाते हैं।

अजय आलोक ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अमित शाह को बर्मा और बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात ऐसे बीएसएफ अधिकारी जो सात-आठ वर्षों से वहीं पर जमे हुए हैं, उनकी संपत्ति की जांच करानी चाहिए। अजय आलोक ने कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केवल कोसने से काम नहीं चलेगा। अजय आलोक ने अमित शाह के कामकाज करने के तरीके पर भी सवाल खड़े किए थे।



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