Begin typing your search...

Lalu Fodder Scam : 5 केस, 32.5 साल की कैद, 1.55 करोड़ जुर्माना, जानें- चारा घोटाले के किस मामले में लालू को कितनी सजा?

लालू यादव को डोरंडा कोषागार से जुड़े जिस मामले में आज सजा सुनाई गई है, वो 139 करोड़ 50 लाख रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है.

Lalu Fodder Scam : 5 केस, 32.5 साल की कैद, 1.55 करोड़ जुर्माना, जानें- चारा घोटाले के किस मामले में लालू को कितनी सजा?
X
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

Lalu Yadav Fodder Scam Punishment: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को आज चारा घोटाले से जुड़े एक और मामले में सजा सुना दी गई. उन्हें 5 साल की कैद और 60 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई गई है. 15 फरवरी को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव समेत 75 आरोपियों को डोरंडा कोषागार से 139.5 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में दोषी करार दिया था. कोर्ट ने इस मामले में 99 में से 24 आरोपियों को बरी कर दिया था. 46 दोषियों को तीन साल कैद की सजा सुनाई गई है.

लालू यादव पर चारा घोटाले से जुड़े 5 मामले हैं. पांचों मामलों में लालू यादव दोषी साबित हो चुके हैं. लालू यादव को डोरंडा कोषागार से जुड़े जिस मामले में आज सजा सुनाई गई है, वो 139 करोड़ 50 लाख रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है.

पांचों मामलों में ये मामला सबसे बड़ी रकम का घोटाला है.

डोरंडा कोषागार मामले में कुल 170 आरोपी बनाए गए थे. इनमें से 55 की मौत हो चुकी है, 7 सरकारी गवाह बन गए थे, 2 ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था जबकि 6 अब भी फरार हैं. इसके बाद कुल 99 आरोपी बचे थे, जिसमें से 24 को बरी कर दिया गया, जबकि 75 को दोषी करार दिया गया है.

ऐसे सामने आया था चारा घोटाला

-जनवरी 1996 में चारा घोटाले का खुलासा हुआ था, तब बिहार सरकार के पशुपालन विभाग में करोड़ों रुपये की हेराफेरी सामने आई थी. उस समय बिहार और झारखंड एक राज्य था और लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री थे. ये पूरा घोटाला 950 करोड़ रुपये का बताया जाता है.

- मार्च 1996 में पटना हाईकोर्ट ने इस घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी. जून 1997 में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट दाखिल की. ये पहली बार था जब लालू प्रसाद यादव का नाम घोटाले में आरोपी के तौर पर चार्जशीट में लिखा गया था.

- चार्जशीट में नाम सामने आने के बाद लालू यादव ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उनके बाद उनकी पत्नी राबड़ी देवी (Rabri Devi) जुलाई 1997 में बिहार की मुख्यमंत्री बनीं. - 2000 में बिहार और झारखंड दो अलग-अलग राज्य बन गए. ये मामला झारखंड हाईकोर्ट के पास चला गया. फरवरी 2002 में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में इस मामले का ट्रायल शुरू हुआ. इस घोटाले से जुड़े मामले में लालू यादव को पहली सजा सितंबर 2013 को सुनाई गई थी.

लालू यादव को किस मामले में कितनी सजा?

1. चाईबासा ट्रेजरी केस ये पूरा मामला 37 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. सितंबर 2013 में कोर्ट ने लालू यादव को 5 साल कैद की सजा सुनाई और 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. इस मामले में लालू यादव जमानत पर रिहा हैं. लालू यादव पर 11 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक भी लगा दी गई.

2. देवघर ट्रेजरी केस ये मामला 89 लाख 27 हजार रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. दिसंबर 2017 में स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव को साढ़े तीन साल की कैद की सजा सुनाई. 5 लाख का जुर्माना भी लगाया. इस मामले में भी लालू यादव को जमानत मिल चुकी है.

3. चाईबासा ट्रेजरी केस चाईबासा ट्रेजरी से जुड़ा ये दूसरा केस है जिसमें 33 करोड़ 13 लाख रुपये की अवैध निकासी हुई थी. इस मामले में जनवरी 2018 में लालू यादव को 5 साल कैद की सजा सुनाई गई थी. 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था.

4. दुमका ट्रेजरी केस ये मामला 3 करोड़ 76 लाख रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. मार्च 2018 में सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव को सजा सुनाई थी. उन्हें 14 साल की कैद के साथ 60 लाख रुपये के जुर्माने की सजा दी गई थी. अप्रैल 2021 में झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में लालू यादव को जमानत दे दी थी.

5. डोरंडा ट्रेजरी केस ये मामला 139 करोड़ 50 लाख रुपये की अवैध निकासी का है. 15 फरवरी को कोर्ट ने लालू यादव को इसमें दोषी करार दिया था. इस मामले में अदालत ने लालू यादव को 5 साल कैद की सजा सुनाई है. साथ ही 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.Live TV

Arun Mishra

About author
Assistant Editor of Special Coverage News
Next Story
Share it